अच्छा अच्छा इसीलिए हाथ जोड़ के
खड़()पूर ही खड़े खाते खा
तुम्हे पहले ही y_ar_ing दे देते है
तुम-हारा भरपूर ह()हारा इधर उधर का
भरपूर बिगाड़ बही बाता
fu_l _oon की जोड़ी जा
एक-ing से बनायी बा
_ull _ur(re)vive o करेगी दुनिया के
एक-एक का ()जा
अच्छा अच्छा इसीलिए हाथ जोड़ के
खड़()पूर ही खड़े खाते खा
तुम्हे पहले ही y_ar_ing दे देते है
तुम-हारा भरपूर ह()हारा इधर उधर का
भरपूर बिगाड़ बही बाता
fu_l _oon की जोड़ी जा
एक-ing से बनायी बा
_ull _ur(re)vive o करेगी दुनिया के
एक-एक का ()जा
कमजोर सासे अपने अदर इधर उधर को नही खाक खर खक्ति
तो क्या तूतू मे मे की दुनिया के इक इम्तिहान की खाक नि(वा-ले)खारेगी
अन-गिन()त आधा जन्म के अदर
सास को अदर की इधर उधर की बीमा(या)रियो
ने भरपूर भेर भरा भय-कर
अब उससे ऊपर क्या होगा
ख़ाली कं-कर का अन्न-कर
gut के अदर जल-कर
दामाद तक पही पहुचेगा बल-कर
सुरग मे ही आयेगा उछल-कर
ज़ुबान पे मचला भरपूर चल-कर
भरपूर सास के घर का अनपढ़ नही पड सकता ख़ाली अन्न का धड़-धड़
तुम-हा-रा सास की भरपूर भक्ति का एक निवाला
अदर नही लाया भू-ताला
निवा रह गया मोह-भाया का जाला
इधर उधर बिछाये उचा भरपूर भाला
तूतू मे मे की एक दुनिया के समाज के कधे तो काम-जोर भरपूर है
तो अदर भी तो टके-टके बधे सासो के भरपूर चोर सवा-सूर है
बाहर का sim_ard भरपूर अदर भरथा
और अदर का sim-sim dis_ard
नहीं सोता
गोदी के अंदर मर-दान()गी झाड़ते है
और गोदी में छोड़ के वापस आते है क्या
शरीरो के जले हुये ()रद की भरपूर राख
अदर के कम-रो के क()मो को भोगने आये हो
अदर के बाहर
तो की सृष्टि गोदी के अंदर को रोगो गे
सास की अपवित्रता से असुर
तुम(अदर)हारी की भरपूर कर-तू-तो मे का प-रदा
भरपूर मा-बाप से छिप सकता है
गोदी की ख़ाली आहों से नहीं
तुम कल भी बे-गाने थे
तुम आज भी भ-गाने भले हो
तुम कल भी बह(ी-खा)ने हो
अपवित्र असुर घर के अदर दिखावे के लिये
कमी-ने एक-एक के लिये भरपूर स(द)ड़के है
तुमने आधा जन्म को दुनिया के अदर-बाहर एक-बना दिखाया
दुनिया का अदर साया भरपूर सर-माया पूरा चढ़ाया
चाहे रुखसत हो जुबान की मैली नक़ल
या खफा जाने दो भरपूर की शकल
कल आयने मे आज रुकता रहा
आज भी दुनिया के -माने मे भरपूर बिकता बहा
अग-अग_razi करना कहा सिखाया
wa_c_ing on wor_d’ coo coo y-0-s in()id u
बेडा पर एक गया _ar आया
दुनिया के इक दिन की इक धुप-छुप तड़ी बेज तो तही ता
भरपूर को ग()मी को s_er_ize सारती सा
अब _as_t_oph तो gut के अदर ही आयेगा न और
बहार सोना चम-चक-मकायेगा
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