0 _ad_ow

y-0-s _u-man 0 be-ing in()id u su(1)_an

con_rol_ing 0s & in()id u 0 _ot

सास के दामाद की गाठो के क()मो ने अदर ना कुछ सिखाया
सब कुछ बाहर के इधर उधर के पूरा-तन ध()मो ने
तूतू मे मे दुनिया का एक-एक नेक बनाया
भरपूर भाया अदर-बाहर जोड़पूर जाया

er-or

0 eas_y _ask a_ead 0 _ask

neit_er 0 _af nor y-0-s in()id u _on s()y

u _ar 0 even in()id o_d to ena_t भरपूर fra_d
y-0-s in()id u _ar even in(out)id on wor_d

u 0 t_ink of ys-lf _iv in re_l bu_l
& _ot_ers _ar li-ste_d 1 _ur-ly in()id who_l
& ever-y1 e_s di_es _ipping 0s of ea_l

y-0-s in()id u _ar @tach _ol _oss
th@ _hich is pa_t 1 _ow ful_illed le_st _ill de_ach g_oss
sum1 _ill b_ing up_it _oss
y-0-s in()id u _ar _ol _os

मै शक्ति एक महान

कितनी आसानी से कुचल कटे एक-दूसरे के न()चलते नाते
और अपने अदर की भरपूर भूरजा भय भू-चल बही बकते
तूतू मे मे की अदर की भरपूर बाते एक दुनिया मे उड़ाते
किस-किस की हवा को गन्दा गरते गरपूर गिधर-गूधर गाते
इसी लिए तो एक-एक जन्मे अदर के भरपूर भाते

बिना कुचले तो तुम आखे भी नही खोल सकते
दरपूर दरवाजे दहाड़ दरो दिन दिहाड़े राते
मुजले मुखोटो मे मोल मोड़ मरपूर मक्ते

गोदी का सारा किसाब-हिताब बायां-दायां दाते
ख़ाली लाज्वाब ज-लियायो भरपूर नवाब नाते

जान डारो

दिन के अंदर भरपूर ज़ुबान को मही मौत मे म()कते

रात में भरपूर दिन को जैक-जात जाते जो जटते

सास के दामाद के धा(का)म भरपूर भूल-भुलाया भार भरते

जपने जय जाम जरपूर झाम जा ज()दर जाते जगते

इधर-उधर का भरपूर भ्याम ऊपर-निचे भूचा भिठाते