आ-हा

हम(आ)रा आधे गोदी का सुर रखवाली ख़ाली माली खिलेगा
तुम-हारा आधा अपवित्र असुर भरपूर सास के अदर भिड़ेगा


गोदी के दिन रात का अपमान करने की तुम्हे कोई सजा नहीं मिलती
for y-0-s in()id u _ome _et u beli()v a ha_f
on mis_ach is ever-y1′ ri_ _ach
_ol 1 cha()it-y in()id 0 _ach

सा-आ

बनावट की सास से ज़िन्दगी की दगियो की सजावट अदर ही भरपूर सजा की वाट एक एक आख़ेजी
और सास भी आधा जन्म डटी डालेगी दूसरो के एक-एक के लिये लाखो ली
मेरा अपना एक कहा का
बाहर का सपना सेक सलाह सा
भाली खट खर-वट खा


पूरी दुनिया सास के भरपूर दामाद के अदर एक-एक आराम से बैठी है
और यह भरोसा y-0-s in()id u-की के ऊपर पूरा है


पिछले क()मो का भूल भाते भय अदर
और आज के काम अदर आवारा भरपूर ख़ुशी आते सास के मन-दर

वर ਜਾ

ever-y-thing y-0-s in()id u _ar e*/i-encing is out()id of y-0-s

& _h@ re_ain in()id is f()ee-d()m of ever-y1′ y-0-s in()id u en sous ma_n


on j()n()y is al_ost o-ver
le_to-ver is c_over
ri_ in()id _ange _over
भरपूर ख़ाली लुटा लो-वर


ਕੋਈ ਸਸ ਦਾ ਕਿਵੇਂ ਬਿਗਾੜ ਅੰਦਰ ਬੜਦਾ
ਜਿਹੜੀ ਆਪ ਹੀ ਅਦਰ ਦੀ ਮੇ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਦੀ ਤੂੰ ਨਾ ਜੋੜੀ ਜਦੀ ਜਾ


बिन-मा के भरपूर कु-वारे
तुमने hi छूत के मुझे पवित्र पा लिया

वता पूर

भरपूर मर-काट के ही सब जी पक पकाती पा
हम हो भूखे भी भही भायेंगे बिना मर-बूर

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बाहर भरपूर नक़ल की बिना अदर येहसास शकल की अकल को बहार भरपूर अकाल आते आ

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ब()मीज़ तो भरपूर है सास की तलो की तमीज पर क्या भरेगी अदर भरपूर एक एक का कम-eas

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बिना क()मो के कोई किसी से मिलले माता आता

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न तो तुम हमें बैठने देते हो न खड़े होने न उड़ने न सोने
तुम्हे हमे नज़र न्योते न
चलो यान लो
y-0-s _ur is _ear
सास को अदर एक एक से अलग होने का दर अदर ही खड़काये खार खा खेहर
हाय मेरा १०० का भरपूर आधा टके का वाट वता पूर

_it _icking

0 in _er_ice


0 _ut dam_er on y-0-s in()id u _ood


0 _ife re()urns a_t-er _all


_eep tu()n-ing on _ife un0 _u()vive wit()out wi-fi

y u()g out to e*/i-ence wi_hout in()id _urge _out


u un0 t_ink & li_10 @ same _ime
i.e. _ow y-0-s e@ing in()id u _ime

for in()id u ne_er a_one
& out()id _lone y-0-s _eeking c_one

a _ol y-0-s in()id u _an e@ out
wit_out _oing in()id _out

a weil_age _an i_enti_y y-0-s in()id u _oot c_use of min_full_ess pat_er-n _ie

an ever-y1 p()oblem _as a _olution is _ol pro_lem

a _ol is g()eater than _um of ha_f _arts

y-0-s in()id u _ar 0 on w()ong end of on
& u _ar ri_ in()id out()un

मा-फा

अपवित्रता को मापा जा सकता है
क्यों नहीं
a ha_f कलयुग is _ol me_sur of _alf सास on कलयुग जुग जुग


an i-नर-tia in()id en-er(_un)gi can0 be de_t()oyed
तो फिर लाठिया मरने से अदर क्या टूटेगा


सास की भरपूर जात का क्या नाम है दुनिया मे एक-एक के अदर
dis()man-tle in()car_ation b_un_er


fool को ish से @_ac_करने वाली y-0-s in()id u तो भ()वन से भी बड़ी _ish फा