चल छाले

मै (म)चली तू (तेरी)तली
इधर उधर सर सोचा नि(वि)चली
अदर बहार उ(छेड़)छली


दुनिया मे रहना है तो पत्थर का प()म
f_ame बो बनना बी बड़ा
बाहर गाड़ेगे अदर उखाड़ेगे

लोटे के लाट घर इधर उधर लुटाये
लोट ले लाये लाटू अदर लिहारे लुटे
अदर जगाये बाहर भुजाये भुटटे

ला-या

चाहे आपने गलत गुरराया
चाहे अपने सही सुख सुलाया
गोदी में तो गरपूर गंध गाड़ा गिराया
आधा जन्म करपूर काम किराया


घर साफ़ करने आये
घर वालो ने जूते जी जड़ जाड जराहे
क्यों नही इधर-उधर गरपूर गुरराये
दिखायो खायो बहार भी गिड़गिड़ाये

वेहले दामाद मे y-0-s in()id u बाली बैठा बा
चलो बहार का खरचा-खर्चा खानी खाडते खा