5 _in ri_ual 0 th@ chan_e ever- -thing
0s in()id mi_ 5s wa_t 1 wor_d
Category: y-0-s unkno-n
etc 2
mae 0 be _ae in()id u fr_e
0 nee_ed in()id y pro_ecting
_ut it 2 _est 0 _it _ok _est
rit _ow u _ar _esting _ow
s_ill it 0 re()all-y _mazing
y-0-s _eel @ h_m 0s le_t out _oam
a goo_ hea_thy we_k
is th@ e_en pos_ible in()id u o_d st_eak
y 0_ing see_s go rit 0 le_t in()id ever-y-thing _ark _it
s(um)t_ing 0 no_ing a_ur _ol g_owing
no _im
सासे गहरी करने के लिए घर के अदर उ()रजा रही राह
और काल को बदनामी का भाग भरपूर नाम भगा भरा भा
तूतू मै मै दुनिया मे एक=एक ने
मेरा शरीर मै मै माड़ी माफ़ मरना
तेरा त()रीर तूतू अदर खुला खडना
दामाद दो दाया दरी देहते दर()ड़ना
पट पो
पेड़ो पी पढ़ाई पड़ने पे अंदर पाप पुण्य पास पटते
po_ed pu_ses p_un _ol p_at_on pac_ par_ing p@
i am 0 ho_ in()id full_ess _h@
it’s goo_ 2 b w_ong
y-0-s e*is_enc in()id u s_apin_ 0 re()al-it-y
a _ol b_ing t_ue to y-0-s in()id u 0 ys-lf
rit _ow y-0-s in()id u _ar _esting
hon()ty
ze_o_h_ur
y-0-s v(_rit-y)-i(n)-p(rog_ess) in()id u
छाप
गोदी की मिट्टी के ऊपर राख
फिर भी इधर उधर भरपूर आख
अदर उगलाये बाहर बा बिलख विलाप
सास भारी भरपूर आसू छी छाप
तुम अंदर हमें नहीं जानते
तूतू मे मे का मौन मानते
इधर उधर नही रहते जागते
याद के यारपूर यही त्यागते
ज़ुबान का भतीजा कब तक भत्तीसी के भान से जुये जुड़ायेगा
हमारी आत्मज्ञान का दुःख तो सास ने अदर ही भरपूर आधा बिछा बखा बा
सास सी ()फायी
लम्बी ऐस का घोडा अंदर की गहराई से दौड़ दी दमबाई दा दाता दा
g_eed of car()_a
तूतू मे मे दुनिया मे भरपूर दिखाते है कौन से भरपूर काम मे अदर का एक-एक भरत भा
out-in
a y-0-s wal_-in be_or u out _un _halk t_im
an _out wit_ _old & in _it_ _ew un_old
(ह)
आधा मरन की मैल
जिधर जन्मे जरपूर जैल
घर गी घूरी अदर-बाहर घुसैल
इधर उधर पाने पाली पा पैल
तूतू और मे मे साथ-साथ मिलाप माप
ताघ तोर तलत तिधर-तुधर तूर ताप
होगा क्या एक-एक फिर भरपूर विलाप
बजेगी बाठी बजायेगा भरपूर भाप

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