u_gen_lee need prun()lax
nee_ to wee_ in()id wax
_an su_1 get _it wit_out tax
oh _eery _ind mo_ _ax
Category: y-0-s unkno-n
अच्छा मत मानो
ईंट पथरो का बना हुआ घर किसी ने सिखाया
गोदी की बुँदियों की जायदाद होता है
शरीर 1 sys_em की pro/ty होता है
यह शिक्षा कौन देता है घर के अदर
दुयिया के समाज की तूतू मै मै
_his h_use rests on
th@ pa_t la-ur-els
th@’ y _ol fe_l 1 mo_al
for me 2
ho_ असुर fam()il-y _ill _uy
t_ic_ets to pi_ces em_tee _ho_
u (_un)set an e*amपल
u (_un)ris _ill in()id _ise tramपल
e@ loकल _hink _loबल
कहा पैदा हुये कहा घर पहुचाया
मा तो है मिट्टी की मडउर माया
होटलो का भरते किराया
क्यो कही ने रास्ता कटाया
अदर सरसूर सडते साया
ਪਿਟੀ _uch ਪਿਟੀ
ਸਸ ਤਾ ਘਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਪੂਰੀ ਗੁੰਡੀ
ਤੇ ਬਾਹਰ ਲੱਭੀ ਫਿਰੇ ਕੁੰਡੀ
ਅਦਰ ਨਹੀ ਆਨਿ ਮੁੰਡੀ
ਟੁਕੜੇ ਟਾਰ ਟਾਰ ਟੁੰਡੀ
ਨਹੀ ਨਿਭਣੀ ਦੁੰਦੀ
ਹਾਏ ਮੇਰੀ ਬਾਲ-ਕਨੀ ਕੌਣ ਕਾਫੀ ਕਰੂ ਕਾਨੀ
ਸਾਰਾ ਦਿਨ ਮੇਰੀ ਸੋਸਾਇ(ਪਿ)ਟੀ ਸਾਨੀ
कूबने कुछ कही
गोदी की इज़्ज़त तो नहीं करनी आती
तो ग्वाया घर को छोड के ग्वाने के लिये क्या है तुम-हारे पास
नरचोर तो कभी घर ही नही लोटता
बाकि क्या बचा
समाज के टूट पैने
तूतू मै मै गहने
सम्भालो सहने
दाज दाते दो
ख़ाली दिल को ढाल बना के दरवाजे ()तक लाते हो
और दामाद के अदर फिसला के भूल भाते भो
और फिर अदर तूतू मै मै मर-जाम जमा जय
सिसकिया सरकाते सौ
वाह वाह व-माज वोट वारो वो
हमें हया हाती
इस शाति(नर)शाह को तो
शनि का पर_op ही चाहिये
कुछ कमज काया
तो ले लो लू
मग-ल मूह
मति माया
त्यारी तारते तैरती
पडते पा
तुम्हारी तूतू मै मै का समाज सारी रात
जाग के आधा दूयिया के कितने हिस्से
अदर सपने साडते सा
शाति शनि शाह सुनो
देखो दात देह दाह
इसकी जुबान की मा है अग-अग-करे-जी
इसके पास नही है समय सार सरे सर-जी
हमारी मईया की गोदी मे हमें नहीं
kit()नुयो की कही बु(बू)लदी चा(क)हिये
नही सुनना तो तीन दिन
(चोर-चाद) बाद बनाना
यह शनि देव की शाति
के लिये लाडे लडते
म-गल-मय मडते

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