के-शव के अनु-सार
शव है अदर सास के
अनु का भरपूर विस्तार
Category: y-0-s unkno-n
तत-तरु
तुम हारा तो सब कुछ तू-तू से शुरू होता
और हारा से अत आयी आता
फस गया आत()डी मे माता
& y( )s wit_ y
अरे यह क्या सास मरा हुया अदर नही
मारा हुया १/२ बाहर बाटे
_ach _ar
be _ent-le wit_ ys-lf in()id _ront of eve_y1
so th@ 0s in()id me_tal tall_ wit_ var-y1
kee_ _ies
y-0-s wa_t a_l _ook @ chi_d_ood
wit_ 1 adu_t _ies for ys-lf en_er _un_y t_ic
& yi_es..arg.. pa-us pies
un-re()co_ni_ed chi_d
क्यो कही के क()रो मे
तूतू मै मै की जूतियो
जा जायज जाज जय
मा-बाप को क्या
सारा समाज सिर
सुदर सारता सा
शाका-हारी शक
तुम-हारे मूह से पहला शब्द शिकस्त शाकाल शिकला
_un-ty @tac un()कल
फैला फिसला फूला फिसला
an_hor _ell
कलयुग का कार(गार)नामा
जब अदर नही पहनता ऊपर
तो बाहर क्यो दिखाये निचे का घर नगा नुपुर
क्यो कही ने पैदा किया
b_a(बर)bo_s
बाहर सामने आने के लिये अदर का बहाना
घर के अदर किसने सिखाया
हल्ला-हेरि हाहा ह(प)ढ़ाया
मा-बाप निशाना भरपूर बनाया
अरे देखो आधे कब्र से उभर आया
आधा जन्म gest(ur-f)alt
t_ink car()fu_ly be_or u let y-0-s _lay
1 _or_d _am & in()id 0s _ham s_ar
1 _or_d’ va_loos of 1 pri_ri_ies
_ho le out_pok c_oss a _in
_hi_ch t_ing 0 go y-1 _ae
0 _eat _ead ho_se
0 re=ent b_ing le_t out
sum_on
0_ing _ess t_an su_1
wan_ mo_ than_ 0_ing _um
0_ing is in()id a_g_ry _um
पा पिया
पीठ पीछे क्यो कही रख के
सूर्य के सामने मोह का मूह रख के चलते है
तो आमने-सामने कहा मिलते है
सूर्य पीछे पलते पा

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