काम चोर कहते है
u _ar _y चोरी’ pro_lem
let’ _ind inनर ca_m mo_em
_ill _air 0 poll-u-tion mae_em
Category: y-0-s unkno-n
दस तेरा दस मेरा
सरपूर समाज सोच का 10तूर
निखरी दुयिया एक मगरूर
तू मज(मे)दूर मै मज(मे)बूर
सास सब सुदर सन(योग)जूर
-छू-
१ नबर का दर_ok अपने अदर नही एक छूता
तो बाहर कितने एक-एक अदर अछूता
1 _ear
0 _ear
f_ont f_ar
_ide_ _teer
ys-lf c_ear
ਧੇਰ ਧੂਤੀ
ਇਸ ਕਮਰੇ ਚ ਕਦੀ ਮੇਰੀ ਮਾ ਸਉਂਦੀ ਸੀ
ਤੇ ਅਜੇ ਸਮਾਜ ਦੇ ਜਾਯਜ ਅਦਰ ਜੜਜਰੂਰ
ਜੁੱਤੀ ਜੇ ਜੇਰ ਜਾਗਦੇ ਜੀ
_es u _ar
u _ar @ _an
0 in()id c_an
_out 1 _an
y()s in()id s_an
tic tic tic
a _an _as _out t_ing in()c_u_ing ever-y1′ in()id of_ing
a 1 he-don-is-tic 0 he_it@ in()id s@i@ s_ick
_iraकल
y min_ is mir(ror-age)aकल
_ol g_ea-test sh_कल
ys-lf a_ult k_ows
in()id _ac_le
कद ककोरी
ले सुमति सगी मूह मे ठठूमति ठगी
गोदी में भरपूर आखे बाहर खोली
तो ले आधा जन्म की अदर मिचोली
बीमा(या)रियो की बाहर कीमत
घाव घहरा छाटी छही अदर
भरपूर बलमत
कानो मे भरपूर भुजायो की भुजली की चुगली
बाया बाहर अदर उ-गली
_tae _ut
_ar u _ind(_anc )u
_ho’ @ _ar in()id u
0 _ae _it
दुयिया का समा(दा)ज देता बाहर के गले को फ()सी फे फडे
और गोदी में अदर के गरपूर गले गाड के गन्दा करने का करजा
आधा जन्म की सास किली के टगे
a _ook’ _an_er

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