गोदी की इज़्ज़त तो नहीं करनी आती
तो ग्वाया घर को छोड के ग्वाने के लिये क्या है तुम-हारे पास
नरचोर तो कभी घर ही नही लोटता
बाकि क्या बचा
समाज के टूट पैने
तूतू मै मै गहने
सम्भालो सहने
गोदी की इज़्ज़त तो नहीं करनी आती
तो ग्वाया घर को छोड के ग्वाने के लिये क्या है तुम-हारे पास
नरचोर तो कभी घर ही नही लोटता
बाकि क्या बचा
समाज के टूट पैने
तूतू मै मै गहने
सम्भालो सहने
ख़ाली दिल को ढाल बना के दरवाजे ()तक लाते हो
और दामाद के अदर फिसला के भूल भाते भो
और फिर अदर तूतू मै मै मर-जाम जमा जय
सिसकिया सरकाते सौ
वाह वाह व-माज वोट वारो वो
इस शाति(नर)शाह को तो
शनि का पर_op ही चाहिये
कुछ कमज काया
तो ले लो लू
मग-ल मूह
मति माया
त्यारी तारते तैरती
तुम्हारी तूतू मै मै का समाज सारी रात
जाग के आधा दूयिया के कितने हिस्से
अदर सपने साडते सा
देखो दात देह दाह
इसकी जुबान की मा है अग-अग-करे-जी
इसके पास नही है समय सार सरे सर-जी
हमारी मईया की गोदी मे हमें नहीं
kit()नुयो की कही बु(बू)लदी चा(क)हिये
नही सुनना तो तीन दिन
(चोर-चाद) बाद बनाना
यह शनि देव की शाति
के लिये लाडे लडते
म-गल-मय मडते
नरचोर को कहा छुपा के रखा है
कुयिया के कमाज की तूतू मै मै के कामा काज
जायेगा जहा आयेगा अब अहा
गोदी के अंदर ही होगा हही
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ਮਾਂ-ਬੋਲੀ ਨੂੰ ਬੜਾਬੁਰ ਬੀਮਾਰੀਯਾ ਦੇ ਕਾਪੀ(ੜੇ) ਪੁਯਾ ਕੇ
ਘਰ ਵਿਚ ਪਖੇ ਦੀ ਕਿਲੀ ਤੇ ਤਗੀ ਤਕਦੇ
ਤਵਾ ਤੇਜ ਤਲ
मौत के मूह मे झोकते
तूतू मै मै का समाज क्या चौक-ते
घरो घडघूर दस्तक नही देता मोडते
एक एक मूह मे जय ज्योते
तुम तो हो वास की काली अधेरी रात
मे उडते रहो ठाठ की जात
कहते है गोदी कोई सीख सही सेहती
दुयिया के समाज की d()tail तूतू मै मै के आगे
एक घर की वास की de_ail कैसे कहती
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