रा(कहा)ब्ता

यह क्या होता है
हरा-आम-खोर
यही न
आ-राम को भरपूर हरा न मिले

यह दुयिया की तूतू मै मै के समाज मे
सब कल्मुहि, जन्म-जली क्यो कोटा
आधा जन्म-जला कल-मूहा
कल को दबा के दबता

अनु()यो की मति

सब को यही सन्मति देता भगवन

सारा दिन तेरा मेरा
रात कहा रह गयी

यहा मेरी अनु-मति के बगैर कोई आ नही सकता
इसका बल मत
कंस का भरपूर घर अदर-बाहर आने की
आज़ादी ख़ाली कस को नही दे सकता

फिर यह मेरी(मेरा) किसकी मति से
दुयिया के समाज की तूतू मै मै मे खडा
no 1

मौत के मूह मे जो गया अदर वोह बाहर कहा निकला
तो लड़ते रहो दुयिया के समाज की तूतू मै मै
के भगोड़ो भरपूर भाया पिटला

दुयिया के समाज की तूतू मै मै का मूह कहा होता है

जन्म/मरन का मुँह gut ब्रह्माण्ड की ख़ाली सृष्टि की गोदी
किसका क्या नाता छूटा किसका भरपूर भूट्टा
आखे खुली आखे बद एक फिसला फूटा

a-li_n

ne_work out of _each
resor_ed s_ore be_eech

घर के अदर कोख का आदर कैसे करेंगे
भरपूर अदर बाहर भरे(रगे)गे

ਭਰਪੂਰ ਮਾ ਘਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਪੈਦਾ ਕੀਤੇ
ਇਕ ਉਚੇ ਦਰਜੇ ਸਾਮਣੇ ਚੁਪ ਚਾਪ ਸੇਹਦੀ
ਤੇ ਖਾਲੀ ਨੂੰ ਅੰਦਰ ਚੁੱਪ ਬੈਠਣ ਲਈ ਕੇਹਦੀ

ਬਾਹਰੋ ਬੁਲਾਵੇ ਆਦੇ
ਆਜਾ ਮਮੀ ਮੇਵੀ ਚਾਹਦੇ
ਭਰਪੂਰ ਭਾਸ਼ਾ ਕਿਵੇ ਕਹਾਦੇ