ख़ाली याद चखो


सास चाहे कुछ भी सोचे दामाद अंदर

जब साँस आँखों के सामने आएगी

गोदी का तय तभी gut मईया दिखाएगी

युग के समय के अंदर

रौशनी तभी जगायेगी

आधे आम भी भायेगी

555

५ साल में एक भी धार ख़ाली ध्यान की नहीं आई

ख़ाली डंडे पड़ते ही ५ second में ५ senses ख़ाली हो जायेंगी ही

फिर तो आधे भी आद आयेगी

5 birth un()not ()ough for 555

एह r-out बस कहा जाती है

v()ine

(this line un()not want to align centre)

com()nation mani how

ate chi

no ()pave

जिस घर में gut मईया नहीं उस घर में भगवन नहीं

मिटी का हो चाहे पथर का

मृगषरीर

for here is no gut mother nature within each breath’ lap, nor s’ood ()pace for god

कितने युगो से निवाला अंदर ही नहीं गया