बच्चे नही संभलते

एक सास से दो बच्चे नही संभलते


आधे अंदर ख़ाली फुरसत से जलते


आधा बाहर निकल पूरा मचलते


शोर गोदी में किसका आधा ढलते


मर्दो के चोचले पूरे नही चलते


खेले आंख मिचोली आधे-आधा


शाम के रंग न आधा घर मिलते


आधे ख़ाली अंदर फूल ख़ाली फलते

8888888888888888888888888888888888888888888

please support wiw o babi 0-1-0ness within lap of to()tal mother nature’s womb(gut)

https://paypal.me/supportwithinnature

कल का आज अस्तित्व

एह लो बन गया कल का आज


भरपूर घर से बाहर निकालता है ज़ुबान को सास के दामाद की मौजूदगी के लिये
ज़ुबान भी इधर उधर देखे सहायता की दहन को लिये
दामाद के अंदर की भरपूर लीला को मिले भरपूर विरोध के गिले
अब सास क्या करे भरपूर दामाद की ज़ुबान जा जोड़े ज़िले
आधा भरपूर दामाद चखे-रखे और आधे मोड़े या ड़क्के


gut गोदी को अन-सुना करके देखना एह है की असुरो को कितना

ख़ाली भरना पड़ेगा बिना अन्य-दाज़ चखे


जिस युग में भगवान भी देख के ख़ाली रोआ है

_oor _ast 10s आखे अखे


अब भरपूर काअस्तित्व नही है ख़ाली अस्थि भी भरपूर देखे


तो भगवन का सहयोग भी नही होगा ख़ाली मौजूदगी का विरोध

इसी लिये भगवन भी गोदी के बाहर ढूंढे gut ब्रह्माण्ड की मौजूदगी का वियोग

कब तक बि(ल)खेगा gut ब्रह्माण्ड की चाल का ग्रहयोग


(पता है आधे को सोने नही दिया रा ने ख़ाली रात दर)
कल को आज
कल को आज
कल को आज
बस कर आधे
हाँजी बूँदा मईया

8888888888888888888888888888888888888888888


please support wiw o babi 0-1-0ness within lap of to()tal mother nature’s womb(gut)

https://paypal.me/supportwithinnature