बिंदी खड़ी करने की लात नहीं मारनी
आती सास को और पेरो पे खडे
होने की खडी बाते बनाते बा
खडिया बुनने से भी बैठा
बा बकटा बा
बिंदी खड़ी करने की लात नहीं मारनी
आती सास को और पेरो पे खडे
होने की खडी बाते बनाते बा
खडिया बुनने से भी बैठा
बा बकटा बा
a 9 sti()ches c()aving 9 time
for 9 is absolu()e
no()thing 9ime
सूखे पड़े हुए गोदी के भुयें
भरपूर घर भूखे भाड़े भय मुये
न मिले यानि तो घूरे ग्यानि
न उतरे अंदर सीखा सूखा
सा सयानी
a भरपूर cre_ation is y on s_or()y
to end within lap of nature
no()thing to()tal _or()y
sim(pal)ba
भूल जायो आधे देस
ऐसा बदला नही वेश
क्यू ढूढे भरपूर सन-देश
गोदी को करे कैद भरपूर भेस
y un()not u _ear
g(ut)odi’
si_ence
आधे की बंद आँखों की नुमाईश की है फरमाईश भरपूर चाहे एक ख्वाईश
असुरो को ख़ाली बिठा के अब बांधे है गोदी मे समाने की गुंजाईश
अब क्या वा()धे के आधे से शा(त-ब)दी करोगे
फिर उलटी टांगे डालेगी भगड़ा गोदी के आसमान मे
hang_ed _an
दुनिया की एक सास का वास
नही शामिल गोदी के अंदर का उपवास
ख़ाली हो गोदी का सारा निकास
आधे की एही प्यारी प्यास
कब खुले बूंदियो की ख़ाली आस
gut मईआ ने आंखे बंद किते ही
सास को पल-पोस
के बड़ा कर दिया और सास की
आखे तो खुली ही रहेगी आधा जन्म
की उंचाईया की गिरावट मापने के लिये
फिर बड़ा को ख़ाली कौन करेगा
तेरा भरपूर ख्वाब
पभी पूरा पो पाया पय
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