(a mo_ent’s _os)

gut मईआ ने आंखे बंद किते ही

सास को पल-पोस

के बड़ा कर दिया और सास की

आखे तो खुली ही रहेगी आधा जन्म

की उंचाईया की गिरावट मापने के लिये

फिर बड़ा को ख़ाली कौन करेगा

तेरा भरपूर ख्वाब

पभी पूरा पो पाया पय

रात(दिन)रात

रात को दिन बना रखा है और दिन मे ही बाहर निकलते है न


भरपूर दुनिया भी निकलेगी ब्रह्माण्ड की रात के अंदर


१-१ कलयुग मे ऐसा एक कही कई बार-बार को लेके आता है

धुन ख़ाली खतवाली

आधा बीमा()मुक्त करके आधे ने की ख़ाली


अंदर की भरपूर मज़बूरी नही पूरी पारी


आज के अंदर नही कमजोरी भरपूर है ख़ाली जोरा जोरी


साँस मे gut गोदी घुले ऐसी सुन्दर चोली की चाली चोरी


ब्रह्माण्ड भी खींचे लकीरे भोरी ख़ाली भोरी


ख़ाली धुन से धार धरे ख़ाली खतवाली

ਪਿਰੰਗ – आम

बहुत ही भरपूर भारी आम दिए है

gut मईआ ने आधे को

देखो भारी होता है कब आधे

एह तो हो ही नहीं नकता

ब्रह्माण्ड के gut में जाता है आधे भोग

सारा

ਪਤਲੀ ਪਤੰਗ ਪਿਆਲਾ ਪਲੰਗ ਪਾਲੋ

ਪਾਰ ਪ੍ਰਵਾਹ ਅੱਧੇ ਪਿਰੰਗ