ख़ाली घर

ख़ाली लसता नही स()लेगा

चब तुलो

gut गोदी के ख़ाली समय की

कक्षा में हर साँस देरी नहीं करती

बिंदी में बूँदि मईआ समाएगी

ख़ाली घर में आधे गाएगी

आधा ख़ाली जागएगी

रात-दिन शाम को बहकाएगी

बे()बान हट

भूमि के आधे बच्चो की जुबां खींच के

रखी है एक सास भरपूर मे()मान के

गम का भरपूर ल-गान

इससे तो

गोदी के फूल ही चुप चाप सहते है

सास की भरपूर कैंची के कट

स-जाते है भरपूर

घरो के भट

छोटा पड़ेगा

भरपूर कौन सा मरा है जो

दफ(ा-हो)ना(आ)या जायेगा

gut के तलो का coff-in

चिता छोटा पड़ेगा

वैसे भी ख़ाली माँ के प्यार को

तो दफना के ही सास

भरते है अंदर