ख़ाली निराली हमारी

आज की आंखे बंद करने का फायदा कोई क्या है

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व()न के भीतर शिकारी

है अंदर के भीखारी

आये है लूटने gut की क्यारी

अब तो एह कुड़ी नहीं 2()tal प्यारी

आई है कल के काल की ठुमारी

साध लो अंदर भरपूर बीमारी

अंदर बाहर ख़ाली खू-मारी

आ गई e-नर की ख़ाली कुमारी

सफ़ेद घोड़े पे सवार ख़ाली निराली हमारी

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बूंदियो का पहरा-वा ख़ाली

दोगुना बिठा दो

बूंदिया निरोग्य

gut मईया के पास हर रोग का इलाज है

तभी तो सारी बूंदिया निरोग्य है

ख़ाली कोख के अंदर

तुम्हारा भगवन क्या तुम्हारे भरपूर

तन को ख़ाली होने से बचाता है

सारांश का सारा-अंश कलियुग an end to begin

आधा भरी हरकत सास को

अंदर ही गिरा देगी

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आधे ख़ाली साँस की बरकत

gut मईया की गोदी को

ख़ाली सर अंदर स्वार लेगी