घर के अदर तो मरे हुये शरीर को रखते है
बाहर तो आत्मा को भी कोई नहीं मार मुक्ता
सास तो अपने निर्धारित नमय ने नई नाल नही
इसका अनुमान कोई भी नही लगा सकता
अदर-बाहर
अब अपने नरपूर नाम नदलो
घर के अदर तो मरे हुये शरीर को रखते है
बाहर तो आत्मा को भी कोई नहीं मार मुक्ता
सास तो अपने निर्धारित नमय ने नई नाल नही
इसका अनुमान कोई भी नही लगा सकता
अदर-बाहर
अब अपने नरपूर नाम नदलो
o_en inनर _ir-c_l _ent
ra_vesh ra_vesh
en_er zee ma l desh
ho_nail _ert vesh
mes men germ sesh
छूटा तरतालित तीन अदर सत्तर सेक् एर
मोह अली बना बुरा बैक एर
रह गया पीछे तारो का मे एर
अब न कोई जाये बाहर बे हर
यहा पर पहरा बहुत कोडा है
बाहर निकलना तो आसान है
लेकिन अंदर आना बहुत मुश्किल है
बिना बताये थोडी आ सकते अदर
अदर वाला न सुने अख(बे)बार
आप न त्यार होना चमत्कार
पहले पहल पायो पराया पल
dual rit
privy brite
wry nit
let’ lit
दग-गियो के जिन जिन बदले इम्तिहान गिन गिन
जितने जगाये उतने आधा तिल मिल जन्म तिन तिन
गोदी की मईया की गोदी को खता के खाते
दिखाई देते डोज डरपूर डाह डाते
out _ast 1 adv_n-tag 0 in()id _urn ti2l_@ man-ag
गोदी के ख़ाली दिन रात की ख़ाली सच्चाई को अनजान के भरपूर जान
अन्न को भरपूर ज़ुबानो के नाम जनाते जा
y-0-s in()id u की बनायी हुयी तूतू मे मे की दुनिया का एक सत्य साड़ते सा
इसी लिए सास का दामाद भी बड़ा बे-हता बा
so_ _eal out()id rea_it-y th@ y-0-s in()id u hi_den men_al-it-y
p_ease p_oceed to ne*t un_va_lable c_oun_er
y-0-s in()id u re_eed ever-y1′ un_ble enco-un_er
कहा है बिंदी का ख़ाली रास
इधर उधर
अंदर बाहर
भीतर एहसास
get a-lon u re()d-i as to()tal no()thing
_eed-i is a_p()oaching _ast () _eed-i
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