पालन पोषण

मा की कोख से पैदा हुआ
भरपूर कंस और खाली कस

भरपूर मिला समाज सा शोषन
और खाली खिला गोदी रोशन

गोदी करती पालन पोषण खाली बच्चो का

सास का शाह-शोषन सलता समाज के
अदर भरपूर बचो बा

एह क्या आधे
बिंदी तो दायी में ही छूट गई
रहने दो पिसे पता पला

चार चली खाली

चार दिन मे कमरा काली

चार दिन मे क्या होता है
जो एक रात मे नही होता
रात मे कोई एक कहा होता

सब पता होता
शाति बायी शख्सियत-शाली
मै हू इस कमरे की घर-वाली
भरपूर आधा बाहर रख-वाली
मै ही लाती आधा घर खुस(र)हाली

आधे गोदी में कहां निकला कहां वापस आया
इसका तो घर वालो ने अदर नही भरा किराया
अब ढूढते रहो इधर उधर करपूर कुया फिर आया