0 आधे कोई पैदा नहीं करता
gut मईया का आधे एक 0 ही है
सारे युगो के लिए
0 आधे कोई पैदा नहीं करता
gut मईया का आधे एक 0 ही है
सारे युगो के लिए
godi ki pledge hai
a total s()ocking
jupiter*uranus now
within emptee matter 2 emptee wow (up()de ()own)
0 breathing within ele()rical rem()er-ance of ach()ta
dhar dhi sama
ana ana dhi
2 elate within lap of nature
a to()tal wiw o silence is totallee im()or(tal)ant within lap of gut nature
आत्मा के औस की बूंदे
ढूंढे सांस की ठोस नींदे
अफ़सोस नहीं भरपूर आयना रोंदे
जाओगे कहा इधर उधर
आकाश भी है सोँधे सोँधे
आधे की अ(ज)कल गोदी की घास फूस
चुनने गयी है
इसी की तो गोदी की गईया भी ग्वाई है
ओह दिन दूर नहीं
रात का साया चूर वही
आधा हज़ूर जी नहीं
अंदर के उजियारे में
खाली साँस भरपूर एही
this is eternal
()alking aum(p)tea breath
now
within lap of nature
मोरनी
मैं क्यों काला
मैं क्यों काला
गोरी सौतनों को अंदर कला देख कर
डर ही नहीं लगता
सास चाहे कुछ भी सोचे दामाद अंदर
जब साँस आँखों के सामने आएगी
गोदी का तय तभी gut मईया दिखाएगी
युग के समय के अंदर
रौशनी तभी जगायेगी
आधे आम भी भायेगी
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