gut गोदी और अंदर के ख़ाली बच्चे को
तो सब कुछ देरी से ही मिलता है न
लेकिन अन्धेर भरपूर को तो पूरा
पता मिलेगा नहीं या
पूरा आधा लूटेगा
gut गोदी और अंदर के ख़ाली बच्चे को
तो सब कुछ देरी से ही मिलता है न
लेकिन अन्धेर भरपूर को तो पूरा
पता मिलेगा नहीं या
पूरा आधा लूटेगा
तल के सास के दामाद अपने
अदर बचो के लीये खड-डिया बुनते है
उसमे gut के कच्चे भरपूर गिरते है
इसी लिए बान की जू भरपूर
तान के तन तनते तय
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gut nature
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चाँद जैसी babi बूँदी नहीं है ना
तुम्हारे पास इसीलिए सोर मचाते है
इधर उधर
घर के अंदर भरपूर को सुलायोगे तो
ख़ाली gut मईया कहा सोएगी
अंदर का बच्चा ख़ाली पुतला होता है
जो भरपूर को ख़ाली पुत अंदर बनाता है
और
अंदर के ख़ाली बच्चे को सामने रख कर
तूतू में में की दुनिया में भरपूर
मांगने के लिए जास्ता है
ऐसे ब(ज)नता है तुम्हारा भरपूर
बेशरम लख ला()नता
और
भरपूर आँखे क्या चुराती है
आयने में से
इधर उधर
कच्ची ईंट-पत्थर-लकड़ी के घर
gut गोदी का खेल ख़ाली खेलते खा
तुम्हारे घर न तो ज़मीन पर है और
न ही तुम्हारी दुनिया के अंदर
दुनिया की गंध में इधर उधर की
भरपूर हवा बे-हाल है
आधे पर तो फूल भी नहीं म()रता
और तुम्हारी दुनिया की तूतू में में ने
भरपूर ईंटे उठा के फेंकी
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ख़ाली मुँह से निकले आधे बाण
भरपूर जू को आधा-आधे
चीर चारते चय
अब आज के अंदर चुपी भरने की
ठान ही ली है तो त्यार हो जायो
पुरानी यारियो के बीमे की एक-एक
भरपूर बात बैठी है सास के दामाद में
गले गल गलाने गे
आज के अंदर चुप बैठ के आंखे
किसका खौफ खायी खा ख़ाली
डंडे का मासूस तो ख़ाली
है ना
ध्यान धरे
आधे की मौत की ख़ाली()आई से भी
ख़ाली डंडे म()सूस नहीं होते
लता है असुरो के भरपूर गले सीधे नहीं उतरेंगे
निवाले की मौत को सीधा रास्ता पास्ता
तो तूतू में में की दुनिया में
एक ज़हर न हासता
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