गोदी के संसार के ख़ाली अंदर
दुःख-सुख तो बुँदियाँ ही दिन-रात पि-रोए
पाओ पोए परे पट खट खट खोए
बुँदियों को ना मिले मझधार
गोदी में तैर तहा तरपूर तिरदार
काहे का कंधे कुम्हार कहार
निवाला अदर नीवा बाहर बीमार
नि-ठले ठयू ठहरे उ उतरे उठाव
गोदी के संसार के ख़ाली अंदर
दुःख-सुख तो बुँदियाँ ही दिन-रात पि-रोए
पाओ पोए परे पट खट खट खोए
बुँदियों को ना मिले मझधार
गोदी में तैर तहा तरपूर तिरदार
काहे का कंधे कुम्हार कहार
निवाला अदर नीवा बाहर बीमार
नि-ठले ठयू ठहरे उ उतरे उठाव
a v()ice _i-thin is to()tal aum()tea in()id em()tee _omb(gut)
के-कुण्ठ के किए लिये सुँ-दर सीधी सेन सा
गोदी के अंदर तो सीधा सह सही सकते
बाहर के सेढ़े सो सीधा साड़ेंगे ससुर
for in()id breath u be_om ever- -thing re_pon_ible
& eies bec_me em_tee di-sci()ple
& a b_eat_ di__olv sin-is_er _ar in()id _ipple
गोदी का to()tal आश्रम
सांसो का सारा परिश्रम
जिसके पास पा पही प()म
वोह है दुनिया अदर एक भ्रम
दुनिया के सडपूर स-सुराल मे
गोदी का माएका अंदर ख़ाली
आधा रहे जरपूर जाड़ा जय जोड़े जाली
आधे नी णमाधि न नोड़े निगोड़े नाली
ख़ाली मईआ दिन-रात ज़मीन आसमान ख़ाली रखती
ताकि ख़ाली बच्चे स्माधि में सुरो संग ख़ाली खो खारती
कलश कराना काढ़े कण कण
अंदर आए जननि जन जन
ध्यान में मगन ख़ाली खन खन
घुले सांसे घोल अंदर अञ्जन घन घन
a s_ake _heds _ead _kin
_ow _an y-0-s re_ate s_in th@ _hi()ch is 0 _ead in()id s_in
ever-y-t_ing u 0 _eed in()id
a 0 wi_hin is em_tee
no()thing 2 ann_y ever-y-t_ing to enj_y
आत्मज्ञान मे सांसे का ना कोई ऊँचा ना कोई बड़ा बोई
ख़ाली ज्ञान के प्रवाह मे अंदर आ सांसे शर्मसार सोई
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