आधे अंदर ख़ाली आधा कब्र खीसे खिली
एह तो गोदी की बुँदियाँ ही बत्तियांगी बली
जडपूर जुबान जोली जो जाट जायेगी जगोली
ध्यान से आखे लगाना तो दूर की दात
ध्यान से कान कुन() कही ककते
आधे अंदर ख़ाली आधा कब्र खीसे खिली
एह तो गोदी की बुँदियाँ ही बत्तियांगी बली
जडपूर जुबान जोली जो जाट जायेगी जगोली
ध्यान से आखे लगाना तो दूर की दात
ध्यान से कान कुन() कही ककते
धरती का १० पुत्र आगे १०० गया
हरी(निर्ण)आली आई सृष्टि गोदी
कलयुग का अन्तहकरणा
श्री काल्कि जी का बिंदु ख़ाली नामा
ख़ाली आधा-आधे आमा
अब स्वालाल एह है की
गोदी का ख़ाली दर ढाई धुंधर अहि आ
अणु-मिट्टी के कण-कण के अंदर
जो है बुँदियो के लिए गना गरजा
वोह क्या दिखाए आधे कब्र का दर्जा
यहा तो है कलयुग के कंस का कब्ज़ा
ऊपर से शाति बायी का दस(टूर)दबा
सुधरजा सारथी महा कंस मैला वस्बा
तुम बिना जाने घर के अदर
आधे के साथ रह-गुजर सकते हो
तो जान के भी क्या करोगे
घर के अदर गोदी नहीं होती
और यह गोदी मे बिना जाने
कूडे का ढेर किसने
रगा रखा र
सम्पूर्ण देवी की वैशाली-शक्ति शुद्धि
आधे अंदर साँस पूर्ण स्माधि
is आधा आम _oing t(h_r)oug_
in(नर)id u cha_ice
met-a(o)mor()fo()sis
c_ry_al_is
on-lee a_1 u _ish
13-13
wis
सृष्टि गोदी का ख़ाली परिवार
आधा आम – आधे आम
रवि(हर)वार
ਕੋਕਲਾਂ ਛੁਪਕਿ
ਰੁ-ਮਾਏ ਰਾਤ ਰਾਇ ਰਾ
ਜਿਹੜਾ ਅਗੇ ਪਿਛੇ ਵੇਖੇ
ਹੁਦੀ ਸ਼ਾਮਤ ਸ਼ਾਹ ਸ਼ਾ
ਤੇ ਜਿਹੜਾ ਘਰ ਅੰਦਰ ਬਾਹਰ ਵੇਚੇ
ਉਹ ਘਰ ਭਰਪੂਰ ਬਿਮਾਰੀ ਲੇਖੇ
ਲੈ ਕਹਿ-ਕਹਾ
आधे साँसो का ख़ाली जहा(आ)ज
आऔ पधारो तुर्य्य अणु-पुत्र
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