दुयिया-समाज मुक्ति
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priv(y)il()ge
in(out)id सख्ती
दुयिया-समाज मुक्ति
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in(out)id सख्ती
खाली अनु अंदर खाली मईआ
परमा(अ)णु पु()वईआ
परम()नन्द पईआ
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here co_es 3rd cal_ 1/2 c_ies
कुछ ()नाम जो जह जये
आधे क़ब्र के कंधार कह कहे
मरी हुई (बेटी, बहन, मां, स्मा(दा)ज) सहे साये
जिसके अंदर किसी को नज़र नहीं नाये
सृष्टि गोदी गी गृह()स्थी आली आम आये
आधे is res()ting wi-thin aum()tea स()बर
in()id em_tee कब()र
आज आधा सूखा पडा पेड है
तो इसका बलमत
सृष्टि गोदी आधे
धोखा डेढ़ है
नहीं नहीं ढ़ाई
स्वा सेर है
हमारी गोदी गा गहना ग()य
भर भर भे भेटते अदर भय
और बाटते बाहर बाया बाय बय
सेसा ससुर-सास सा सूरा सहना
कितने पोते दोहते है तुम-हैरी सास के
आधा जन्म के एक-एक मिला के होगे
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ti()t _ar
तुम पाप का मल-मूत्र त्याग हर रोज क्यों नहीं करते
ध्यानी की हमें म्यानि की साँस समाने साथि सौ
तुम रात रही रह रह दस्ते
जिसको हराते है वोह क्या डरता डय
बूँदियो को मारे हा(र)का ध(क)रता धय
अदर बाहर जमाये जाल जय जय
मेल मिलयो माला मैल मय
ख़ाली सांसो के अंदर सम्पूर्ण शांति
जिसके ऊपर-निचे आमने-सामने इधर-उधर अंदर-बाहर
नहीं खड़ी हो सकती बटी हुई आधा जन्म की एक शक्ति
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