ne_er _ind _ever _ind भरपूर b_ind
for u _eep urn-ing godi’ em()tee _ind
ne_er _ind _ever _ind भरपूर b_ind
for u _eep urn-ing godi’ em()tee _ind
जिसकी लाठी उसका भरपूर _ance
फूटा मरद भरपूर फास फटा _ance
देखा दवारा दोला दरपूर _ance
अदर भरपूर एक-एक आल _ance
सास के दामाद की भरपूर इच्छा(ईर्षा)शक्ति है gut _ur_ace()all
की दुनिया के अदर एक-एक की भरपूर भक्ति
और अपने अदर भरपूर छाया का बद-आम तीस मर खा बत-तीस बाटी बत्ती
बच-पन की मे साथ सास साया
दूर से डरा तो भरपूर पदर पाया
तुम-हे घर के अदर किसी ने सृष्टि गोदी की इज़्ज़त करनी कही का कहाई
इसी लिये जहा चाह भरपूर मे बरो-बद आधा आयी
अदर बाहर इधर उधर तूतू मे मे भरपूर भाड़ भ-ड़ाई
आखे भी ढूढे भरपूर पहियो पी अदर एक दुनिया (पर)चार-पायी
दगियो मे कब्र की भरपूर कमी से पैर अदर
पसारने पर सर दीवार दरते जिन-जिन दा
खाक मुर्दा जिया -खाड़ते झाडते
दिलो का भरपूर नाम जिन्दा है ज़िन्दगी का फंदा
भरपूर होश वालो को भरपूर खबर खय
आज का एक-एक अदर ही छिपा भरपूर ()भय
on t_ing un_non
भरपूर दर-द का डर
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y-0-s in()id u
wit_out full-y-_ind groun_ing in()id rea_ty _ounding
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da-y-er 2 boo
no_ish na_ur-all-y i.e. ti_ish _ly
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_bort bent-ly bou_cing bid
सास के भरपूर दामाद का भगवन ऊपर ही कही रहता है
अदर तो जगह है भरपूर के लिये
जब सास के भरपूर दामाद की मे अदर ही पूरी -यान मे नही ही
तो बाहर की तू पूरे यान मे ही यायेगी तो
दामाद याद यहा yea()ning yoo_
कहते है ऊपर वाले की मर-जी के बगैर पत्ता पही पलता
(मर-जी ऊपर भरपूर होती है अंदर तक आते आते
ख़ाली हो जाती है स्ट्रेटोस्फियर में पलायन की आग से)
ऊपर वाले के पास पल नहीं होता या अंदर वाले के साथ _@chi मारता
पत्ते तो गोदी में पवन पुत्र की मर्जी से उड़ते उ
इसका बल मत यह है की सास के अदर का एक-एक पटा पूरा पल्टा
हाजमोला से मोला नहीं आधे का खड़पुर खड़ा खडगोला गोल खारा खोला
y-0 _if _ik _round_og da_
_et ri_ _it in()id u _ol _og ha_
गू-गल f1 app-पल
0 con_ain-er gra-पल
to-y_ta in()id u _tra-पल
du_l v i’m _olling _it a-er-टल
तूतू और मे मे साथ-साथ मिला(ा)प
क्या होगा एक-एक भरपूर फिर विला-प
बजेगी बाठी बायेगा भरपूर भाप
बिकलेगा बाहर सास की रमड़ी राप
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सपने मे सास अदर जाग जही जाती जा
और बाहर बो ब्या-ही बोती बा
सपने बनते और बिगड़ते भरपूर
सास भी सगल सारती सर पूर
जाच जा जाने जागन जे()ड़ा टूटा टार टूर
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