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Category: hohm
दुहाई देर है
आज आधा सूखा पडा पेड है
तो इसका बलमत
सृष्टि गोदी आधे
धोखा डेढ़ है
नहीं नहीं ढ़ाई
स्वा सेर है
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p_an(cre(ep)ma-t(emp(au_it)or)ium)et
an _ach _ill b_ing hel_ a_t-er_ard
पुच पुच पया पचती
टीवी का सडपूर ससार दिन
रात खाउ खाउ खारता खा
सूखी खासि-यत खता खे
a_grey-ji भी भर भर भहम भकती
कहमत कफ कफ कापटी
साफ सफा()यी समाज से _ap
घर अदर रसोई भरी पडी है
कलयुग के करो()ड लोभ मोह से
और अदर की चक-मक से बाहर
काम क-लाते का
अब साफ सफाई से साम ने १ सम्बर सी सगे सा
क्यो कही को सुरसत सही सिलती
घर के अदर बजुर(ब)गो को उचा बोलना
इजाजत जसीब जही जा
इसीलिये बाहर दूयिया के h_ass के
b_ades को सूना सु-नाते सा
भरपूर क्यो कही का दमाद दी दोच
दोज दाल दागते दा
p() सास
8-8
हमारी गोदी गा गहना ग()य
भर भर भे भेटते अदर भय
और बाटते बाहर बाया बाय बय
सेसा ससुर-सास सा सूरा सहना
कितने पोते दोहते है तुम-हैरी सास के
आधा जन्म के एक-एक मिला के होगे
0-0 *
ti()t _ar
१ नर साठ स्थर
_aise 1 inनर _hil_ wi_e
0 ob(grea)d_ent im_ro()vi_e
pu_g मroad मारे
तुम पाप का मल-मूत्र त्याग हर रोज क्यों नहीं करते
ध्यानी की हमें म्यानि की साँस समाने साथि सौ
तुम रात रही रह रह दस्ते
१ ()ध्यास
जिसको हराते है वोह क्या डरता डय
बूँदियो को मारे हा(र)का ध(क)रता धय
अदर बाहर जमाये जाल जय जय
मेल मिलयो माला मैल मय
ਤਲੇ ਤ()ਲੇ
ਅੱਸੀ ਝਲੇ ਵਾਗੂ ਚਲੇ
ਨਹੀ ਰਹਿਨਾ ਅਦਰ ਥਲੇ
ਖਾਯੋ ਖੇਹ ਉਪਰ ਨੀਚੇ -ਮੀਨ ਮਲੇ
ਇਧਰ ਉਧਰ ਵੀ ਲੈ()ਯੋ ਜਲੜ ਜਲੇ

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