आज के समाज को सब पता है
घर के अदर क्या हो रहा है
ले-किन ढूढने से ढाल ढीला
chi_का
आज के समाज को सब पता है
घर के अदर क्या हो रहा है
ले-किन ढूढने से ढाल ढीला
chi_का
चोरी हुया घर के अदर से एक नर
घर लोटा समाज का एक-एक सडसूर स्तर
करमो का कर-मार कूडा कूमार
देवी के आधे की गुफा के अंदर
कितना गंद डाल के आते है
आधे अ()बूतर
यह शाति बायी की तौ-बा ने
कभी जमीन को छूया भी नही
फिर क्या कंस के घर के अदर
चाटा साफ करने आती
किसके मूह मे धूस रही ज़ुबान
भडकाती भूल भाया बान
आधे ख़ाली आधा मौत का मजा लूटते घर के अदर
दुयिया के समाज की तूतू मै मै का एक-एक su-दर अति सुदर
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घडघूर घर के अदर समाज के हाथ धो के चैन से सौ के
दुयिया के समाज की तूतू मै मै बाहर साफ-सुरक्षित सहता
दु-निया से बनी बहती हुयी दुनिया
दो मरले कमाज की कमीन कुनिया
घडघूर घर के अदर समाज की
सासो के वास वा वू(वू)ध पीके
एक मरद तरो तजा
तो पडपूर पानी क्या
वारेगा वमाज
यह अभी तक रद
क्यो कही कुया
सास के अनुभव की गहरायी मापने का स्वा()लाल तो भरपूर ही बहता
साँसो की ख़ाली गहराई नहीं मापते
गोदी की ख़ाली खाई से करपूर कांपते
आधा जन्म का एक मरी हुयी मौत को लेके जाता
तो क्या जगी हुई मौत को लेके आएँगे
आधा जन्म के दो-बारा अंदर
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