आधा जन्म का एक अक्षर पड़ने से बनता ह एक जन्म का
एक विद्वान
हर जन्म में नहीं होता भूमि निधान
आधा जन्म का एक अक्षर पड़ने से बनता ह एक जन्म का
एक विद्वान
हर जन्म में नहीं होता भूमि निधान
सबसे छोटी और सबसे बड़ी सजा को कौन भरपूर साज के सजता है
आधा जन्म
दुसरे विचार को जिन की दगी पे दाग लगाने से निकाल ही दो की कुंजी है
जुबान और कर्म को ma()ch कैसे करते है
_h@ev-er quan(li)ti()y g()owth me-a-su()red bie
a qua-lit-y err in()id u in on his()or-y of man-y wor_d
in()id kal_uga is to con()rol ever-y-thing
in(out)id gut nature
अब एह क्या है
मुह में रखने वाला मूरख होता है
और बाहर बोलने वाला बुद्धि का भरपूर मान ढ़ोता है
क्या है यह तूतू में में की दुनिया
अच्छा अच्छा
मुह के अदर भी तो भरपूर मूरख है ना
बलगाडी के पहीये बल का पीछा करते है
आधा ने ही तो बनायी थी
क्यों युग में कल
आज के
बैल के सींघ को भी नहीं छोड़ा
i _ood do
ever-y-thing in()id u
(& me)
for ha_f wit()in chi_d to
be af()aid of on half
on _ast ma()ch
gut godi’ _ar_ness
vs
on wor_d _tar_ness
all thin_ com 2 him th@ _ait
end of kal–uga a()ive
i.e y he _as ever-y-thing
in()d th@
y con()nu
fi()st on _ill v-er-if-y
it _is u
p-er()ect c_on
it _ae p()oceed
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