सासे गहरी करने के लिए घर के अदर उ()रजा रही राह
और काल को बदनामी का भाग भरपूर नाम भगा भरा भा
तूतू मै मै दुनिया मे एक=एक ने
मेरा शरीर मै मै माड़ी माफ़ मरना
तेरा त()रीर तूतू अदर खुला खडना
दामाद दो दाया दरी देहते दर()ड़ना
सासे गहरी करने के लिए घर के अदर उ()रजा रही राह
और काल को बदनामी का भाग भरपूर नाम भगा भरा भा
तूतू मै मै दुनिया मे एक=एक ने
मेरा शरीर मै मै माड़ी माफ़ मरना
तेरा त()रीर तूतू अदर खुला खडना
दामाद दो दाया दरी देहते दर()ड़ना
पेड़ो पी पढ़ाई पड़ने पे अंदर पाप पुण्य पास पटते
po_ed pu_ses p_un _ol p_at_on pac_ par_ing p@
i am 0 ho_ in()id full_ess _h@
it’s goo_ 2 b w_ong
y-0-s e*is_enc in()id u s_apin_ 0 re()al-it-y
a _ol b_ing t_ue to y-0-s in()id u 0 ys-lf
rit _ow y-0-s in()id u _ar _esting
ze_o_h_ur
y-0-s v(_rit-y)-i(n)-p(rog_ess) in()id u
गोदी की मिट्टी के ऊपर राख
फिर भी इधर उधर भरपूर आख
अदर उगलाये बाहर बा बिलख विलाप
सास भारी भरपूर आसू छी छाप
तुम अंदर हमें नहीं जानते
तूतू मे मे का मौन मानते
इधर उधर नही रहते जागते
याद के यारपूर यही त्यागते
ज़ुबान का भतीजा कब तक भत्तीसी के भान से जुये जुड़ायेगा
हमारी आत्मज्ञान का दुःख तो सास ने अदर ही भरपूर आधा बिछा बखा बा
di_est 0s li_ s_un()a a_ain
do em()ting _ae no()thing
0 _ead_ con_act _ow 0 _no_ re()act
an em_tee foo_ 0 in()id d_ool
han_ed _an _ol s_ool
लम्बी ऐस का घोडा अंदर की गहराई से दौड़ दी दमबाई दा दाता दा
तूतू मे मे दुनिया मे भरपूर दिखाते है कौन से भरपूर काम मे अदर का एक-एक भरत भा
1 wor_d hal_ in()id u citi__n
vs
godi’ to()tal adhe ze_
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