_a_m शक्ति un_a_m-ed माया का साया
Category: gut
अंदर-अदर
गोदी के संसार के ख़ाली अंदर
दुःख-सुख तो बुँदियाँ ही दिन-रात पि-रोए
पाओ पोए परे पट खट खट खोए
बुँदियों को ना मिले मझधार
गोदी में तैर तहा तरपूर तिरदार
काहे का कंधे कुम्हार कहार
निवाला अदर नीवा बाहर बीमार
नि-ठले ठयू ठहरे उ उतरे उठाव
0 @
ever-y1-t_ing _el@ed to se_f is wor_t en()my of
y-0-s in()id u 0 dis-so_ve
ex_e_pt
y-0 sel_ car
भट भट
ख़ाली खो भरपूर भहाना दुनिया का एक -एक नज़राना
अदर ना टिके दामाद दो देहर दुहाना
जल्दी जय जायो ज़ुबान जबाना
भरपूर भटर भाट भिखाना
a _ebuta_t in कोख
mum_y 2 u _eed a ser-va_t
कोख के काट कितने कूड़े करपूर काख मरपूर मारो मात
a _omb is fu_l of _er-va_ts to _ick out u rest-a_rant
& y-0-s re()adi to in(out)id ta_nt
& in()id u bec-me _ta_nch y-0 co_man-da_t
यानी -नी
a pre_ence of div()in is out()id
इसी लिये घर बाहर बहाना लाना ला लारे लो ल()पकेगी
किधर
अंदर की शुरू कहानी कुरु कानी कन कमानी
वापस ना आयी ख़त्म खी खुरु खा-मानी
बाहर भरपूर गवाही ग्यानी गानी
सीधा शुद्ध
के-कुण्ठ के किए लिये सुँ-दर सीधी सेन सा
गोदी के अंदर तो सीधा सह सही सकते
बाहर के सेढ़े सो सीधा साड़ेंगे ससुर
_ri _ache
गोदी gut अंदर con_tip@ed रढ़पूर राढ़ रखा रा
अब हवा हो अंदर ही उ-ध()म उचायेगी
_ik bac_er से साया सा
s_ic s_oon से सुलायेगी y-0-s in()id u वा
gut _hunea veda
for in()id breath u be_om ever- -thing re_pon_ible
& eies bec_me em_tee di-sci()ple
& a b_eat_ di__olv sin-is_er _ar in()id _ipple
0 रग
जब हाथो मे ही अदर-बाहर काम
ख़ाली ढंग से करने की ब()कत बही बा
तो आधा जन्म की ह()कत हया होगी
भरपूर भोगी सास का दामाद अदर रोगी

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