सु-नाम सग्या

जो आज्ञा भरपूर भय भाग्य
विधाता वायापुर राम राग्य
बनवास बाहर बाया बैराग्य
सासे सुदर सरनाम -योग्य


जो मै घर के अदर हू हो वोह क्या तुम बाहर तरू तूतू
समाज से सीख के आये घर के अदर भरपूर राय रू()रू

जब घरो-घरो मे अतर करते
तो घर के अदर ज()तर जय जानते

तत-तरु

तुम हारा तो सब कुछ तू-तू से शुरू होता
और हारा से अत आयी आता
फस गया आत()डी मे माता
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अरे यह क्या सास मरा हुया अदर नही
मारा हुया १/२ बाहर बाटे

m(a-i)c-ro healing

ऊपर का नीचे का

विनाशकाले विपरीतबुद्धिः

जिस ध्यान से घर के अंदर mic-ro gut की
पाचनशक्ति की विपत्तियों को दूर किया जाता है

उसी तरह सृष्टि गोदी की शक्ति अंदर m-ac_ro gut
के ध्यान से विपरीत बुद्धि को नष्ट करती है

सबसे पहले अपने अंदर के ध्यान को ख़ाली करे
ताकि ध्यान को पता हो धार किसे काट रही है

चोट तो लगेगी ही काटने से
उस चोट का क्या फायदा जो
अदर सास को बाट के बाहर बटे