सास के दामाद में क्या हो रहा है
भरपूर को पूरा प्यार पता पारा है
gut गोदी की ख़ाली बात सारे
पते पते को अनुमान सारा
सास के दामाद में क्या हो रहा है
भरपूर को पूरा प्यार पता पारा है
gut गोदी की ख़ाली बात सारे
पते पते को अनुमान सारा
on go_z-ill-a
अब ढूंढना एह है कि कहा
छुपा के रखे है अंडे
मिल गये डंडे
बस बस
अब और नहीं on dae
आज ही होगा ख़ाली ज़िले का
hae bae or _tae …
आधे-()स्सु तो ख़ाली सूखे साढ़े है
भपूर आधा-आधा तो रूखे ()रडे है
स-पनो के अंदर भरपूर पसीना नहीं बहाता
सीना भी तो सेना को एक प से मिलाता
तभी दिन भी सपना बन कर निकल जाता
भरपूर फल मन-तर मुग्ध देखे मस्य का मल निकल जाता
y @_ar are s()in-ing in()id
bharpoor dar_ness
y in()id u @r s_out-ing in/out _oud
is gut alone mother nature
un()not _is10ing
wit()in chi_d
i want ever- -thing in()id y th@
u _eed em()tee 2 this
no
y ()oose
भरपूर सम्मान अंदर का अभिमान
तुमने दिखाया अदर का हमें पहचान
बाहर न उतरे अंदर सेना सीना तान
रखो भरपूर आगे एक मेहमान की जू-आन
well well
_i-thin eie c
u _av no()thing
in()id
a _elf c_ean lin()ing
to()tal _id
छूअेरे छोरे छी छत छाया छाट छावे
की
छाट छत छो छू छावे
छा छा छा छाट छुआरे
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