गोदी के कच्चे घरो मे भरपूर कीचड भा के
साफ करने की हिम्मत जात-पात की बीमा(या)रियो मे रखते है
और खुद के घरो के अदर भरपूर खीचड़ को हर
आधा जनम मे उछालते है
दामाद भरपूर भरना भी भरपूर आदत की
मज़बूरी बहुत ही कम(भरपूर)जोर होती हा
गोदी के कच्चे घरो मे भरपूर कीचड भा के
साफ करने की हिम्मत जात-पात की बीमा(या)रियो मे रखते है
और खुद के घरो के अदर भरपूर खीचड़ को हर
आधा जनम मे उछालते है
दामाद भरपूर भरना भी भरपूर आदत की
मज़बूरी बहुत ही कम(भरपूर)जोर होती हा
दगी की मौत म()ही
जिन जिन की सौत सही
घर मे आये एक वही
भरपूर का आयना यही
err-ing on y _ides are _afe-ly _ied in()id u p()id
ever-y1 are fo()l_o()ing in()id u s_ide
_ut out t_ere y()s-lf _if is
bo_n ape_it to _ive s_out
s()y-lf
भरपूर पर करो मत भरोसा
अदर है भरपूर एक धोखा
ख़ाली करो इधर उधर का खोखा
लडके ले दे के न भरो भरपूर
घर का झरोखा
भरपूर ho()me भरपूर _if
भरपूर दामाद भरपूर st()ife
भरपूर सास डूबी उसकी wifi
घर अदर आया एक घटा का
तल ढूंढे _n-if
भरपूर दुनिया में ख़ाली माँ का खड़े होना
कोई सरूरत सही है
बैठी gut मईआ कितनो को नज़र
अंदाज़ करती है
gut गोदी में
बहुत ही भरपूर भारी आम दिए है
gut मईआ ने आधे को
देखो भारी होता है कब आधे
एह तो हो ही नहीं नकता
ब्रह्माण्ड के gut में जाता है आधे भोग
सारा
ਪਤਲੀ ਪਤੰਗ ਪਿਆਲਾ ਪਲੰਗ ਪਾਲੋ
ਪਾਰ ਪ੍ਰਵਾਹ ਅੱਧੇ ਪਿਰੰਗ
जुबान का f()am भी _qu_ar एक फुट ही होगा
तूतू में में की दुनिया में तो है ही नही
निवाले को तो खूब सजा के रखा है
५ grade के साथ
kee_ing y ()eeling chan_ing
de_i-ate in()id u _ath
y in()id u _ail-()ae’ d()ied-()ut gut nature’ ()i-ver
is _ol sigh() y _eeing re()u-ve_ate
u s()iver
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