तुम-हारे थथे पे जिन्दु नहीं है
हम नी हाथ लगाते ऐसे वैसे
दाई बाई भरपूर को
तुम-हारे थथे पे जिन्दु नहीं है
हम नी हाथ लगाते ऐसे वैसे
दाई बाई भरपूर को
mandalalit is not _rafting
भरपूर co_tent un()not
भरपूर _@_@_ _aising
eieb()ow burrow
भरपूर tent
ca_m _o_n
_eaving भरपूर no_se up f()o_n
गोदी के दिये अन्न से फैली
अदर की बीमा(या)रियो से भरपूर
खुश नहीं है जो
थोड़ा भरपूर है भरपूर थोड़े की जरूरत है
जान के भी अन-जान की भरपूरत है
लुक छुप गाना
मक्कई का ध्याना
सफ़ेद चींटी
काला मखाना
आधे अंदर आना
पक्की ईटे क्या उ-मर बाटती है
शरीर चाहे किसी का भी हो
बचो का
या फिर मर्द-औरत का
या फिर लड़ाका-लड़की का
जन्म जन्म का साथ है
आधा-आधा
भरपूर दुल्हन भरपूर दामाद को भरपूर पगला के
pogo pe pago pick pick
भटूरे छोले अदर की भरपूर आग मे
साम्भा सभाल सगे
जरो जरो भरपूर आखे खोल के क्यों पड़ते हो mandalalit
एक बरी न-ही डूब होता तुमसे
फिर हा हा करते रहना
hand( l )sum
भरपूर or ख़ाली
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