_ro_er-b

घर का कैदी अदर लका लाये
कला भरपूर भरी दुनिया अदर भाये

सास क्या जाने अदर-रक के रुके का स्वा()द

कल न पछताये आज पुछाये क्या हुया जब ठोड़ी ठग गयी अदर ठेठ ठाय

लाठी भाई अदर बाटी
तो इद्री हठ अदर भरपूर आती

भरपूर तल के ९०० ताल खुजलाये अदर एक बल बाये

फ-फा-फे-फु

फिक्र को धुये मे उड़ा दिया


सबक भी न पड़ा भरपूर भहा भया


अदर ही ढूढे भरपूर जि-कर का जिया


फीका फडा फाड फे फुरा


आखे हाय खड़े खो क्या करोगे पिया

-रे

दुनिया मे तक()रीरो के घर लू(लु)टते लुटाते ला


बाहर तो कालरात्रि के चरचे चाली च


बाहर ही गिरे तारे अंदर तो बूंदियो के ख़ाली खारे


गोदी में उतरे खैर के खूब ख़ाली न्यारे

ख़ाली -खत

असुर भरपूर ताकत वाले वोट वा
अपनी अपवित्र आदतो से गोदी मे ही भरपूर तखत भरपूर भखते भा


देवो की अखंड मासुमियत सृष्टि गोदी में ख़ाली माँ

की सिफ़त के सदके सारा सार ख़ाली पवित्र पा

ਡਾ-ba

जब सास के अदर के काम कम-जोर है

तो बाहर भरपूर काम ढूढती आखे भरपूर मु()ड़ा _or है


o babi baabi baaaaabi

बच्चे क्या शरीर होते है इधर उधर उछाले अदर उछलते आ


भरपूर भछाल भय

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ਡਗਰ ਅੰਦਰ ਹੀ ਡਡੇ ਡਾਇ ਡਾਡੇ ਡਾ