जब सूर्य का आधा कण गोदी के अंदर आ जाए
तो क्या होगा
भरपूर गलेगा और ख़ाली घुलेगा
ख़ाली अनु का गोदी मे मान नही रखा
तो फिर आज भरपूर आन()धान की
सास अदर कैसे गलोगे
जब सूर्य का आधा कण गोदी के अंदर आ जाए
तो क्या होगा
भरपूर गलेगा और ख़ाली घुलेगा
ख़ाली अनु का गोदी मे मान नही रखा
तो फिर आज भरपूर आन()धान की
सास अदर कैसे गलोगे
जब सास को अंदर मौत आती है तो
बाहर के शरीर को दफना या जला दिया आता है
जब भरपूर सास मर के अंदर ही ख़ाली जाग जाती है
उसके अंदर के भरपूर धढ़ अपने आप ही पूरे धढो को दफना देते है
या फिर ख़ाली अग्नि मे जल आते है
क्या हुआ
तुम-हरी सास मर-मार-मर के भी भरपूर भारी बीमा()री
यह क्या-क्यो लगा रखा है ऊची ऊची
अपवित्र असुरो ने अपने अदर ही भरपूर मदर
मनोरजन का अभाग्य निर-जन
शुरू करो दिन रात विसर-जन
अत ना भरे भरपूर दत-म()जन
an em()tee mother never _rings off(c)end for a c_ild is kic_in _egs in()id wom_
for y chi_d is _earning to di_ect on man’ _ol si_ _tic _ith &s un_war in()id tom_
for u _ill _ever _av total ca_aci()ti of /cep_ion to _eel wit()in c_ild kic_in wit()in _omb
सृष्टि गोदी के अंदर
एक एक ने हर सदी के अंदर की दुनिया ही बदल डाली
इसी लिये अपवित्र असुर घर-घर का बदला भरपूर डाल वाली
ਤਦਿ ਤੇ ਸੰਸਾਰ ਵਿਚ ਕਿੰਨੀਆਂ ਦੁਨੀਆ ਪੈਦਾ ਹੋਈਆਂ ਤੇ ਮਿਟ ਗਈਆ ਸਵਾਲੀ
ਇਹਨੂੰ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ ਬਦਲੇ ਦੀ ਲਹਿਰ ਪੂਰੀ ਇਕ ਭਰਪੂਰ ਕਵਾਲੀ
आज का भरपूर सत्य एक वचन सुन के
अदर के अनगिन्नत जन्मो का महा-प्रलय
कैसे ख़ाली करेंगे
जिस-तिस मनुष्य का मन ही अदर-बाहर के इधर-उधर की
भरपूर उषा की शय हो
वोह क्या
सृष्टि गोदी के अंदर का ख़ाली होगा
जब pre_ent मे यह हाल है y-0-s in()id u का
तब 0 की a_sence मे क्या होगा
s_am_ede
आधे है पूर्ण मंत्र का इधर-उधर का ख़ाली मात्रा
आधा भगाये भरपूर तत्र का इधर-उधर का भरपूर यात्रा
आधे का श्राप हो या फिर काली माता का
लात तो एक के ऊपर ही रहेगी
धड़ा धड़ धड़-धड़ खड़े हो रहे है हर सास के अदर
बिना चैन के
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