भरपूर साया

यह तो गोदी की ख़ाली छईया को देख के ही खुश नहीं अंदर आते

तो दुनिया का बिना मईया का भगवन देख के किसको दुःख होगा

मईया के दिये दिए से खुश नहीं हो जो दुनिया के भगवानो को

एक भरते हो
भांगते


आधा जनम आड़े आयी सास के वास की भड़ास का भाया
भरपूर सोच में ही उलझे रहे सास का साया

-यसत

न दुनिया का एक दिन तुम्हे जान बुझ के व्यस्त रखता है
या फिर तुम-हारे अदर भुझी हुई जान का एक-एक

सस्ता दुखता है और दिखावा दिखता दाव


दुनिया के अदर के क()म तो रोज ही मिलने आते है
फिर सास फौरन ही इतनी हैरान h-u खाती भरपूर रहती है


दुनिया का एक दिन गुजर जाने के बाद घर बहुत करीब लगता है
किसका

_ap of er-s

तुम क्या un-i_ers की गोदी मे पैदा हुए हो

जो तुम-हारी मदद करेगा अदर-बाहर एक करने मे


और मईया की कोख को भरपूर सूखा रखेगा

स-राया

आधे ने घर ख़ाली भार अपने अंदर ही लुटाया


दुनिया की एक-एक सड़को का साड़ा साया


किराया ढ़ोने पर भी सास ने लाठा फिराया


न उतरा गले मे निवा-ले का भाई सास को भरपूर भाया

एक टका

एक टके का भरपूर धड़


ख़ाली गले के हार की कौडियां का कर


सास कौडिया पहन के आयने मे बहुत सुनन्दर दिखती है भर


क्या भरपूर बतयाती भी-खती है खर

कितना कहा कई


आधे के बोल-()ले का ख़ाली बीमा बनवा भरो

अदर ही सब को ()रवा आप ख़ाली ()रो

पर किसी को पार की पड़ी पड़ परो

ज़िदा ही भरपूर गाड़ अदर एक गड़ो

यारियो को चीला भरपूर छत पे च()ला ()चरो