चुप छुप चुप

सास तो अपने अंदर के

_ut के प्यार के का(कितने)बिल नहीं है

तो फिर gut मईया का

सारा प्यार तो सिरफ ख़ाली

बूंदियो के पास

अंदर ख़ाली

चुप छुप चुप

है


सास को प्यारी बनाने वाले

तो उपस्तिथ नहीं है अंदर

ख़ाली निराली हमारी

आज की आंखे बंद करने का फायदा कोई क्या है

—–

व()न के भीतर शिकारी

है अंदर के भीखारी

आये है लूटने gut की क्यारी

अब तो एह कुड़ी नहीं 2()tal प्यारी

आई है कल के काल की ठुमारी

साध लो अंदर भरपूर बीमारी

अंदर बाहर ख़ाली खू-मारी

आ गई e-नर की ख़ाली कुमारी

सफ़ेद घोड़े पे सवार ख़ाली निराली हमारी

—–

बूंदियो का पहरा-वा ख़ाली

दोगुना बिठा दो