आखरी जवाब

अनगिनत सास की भरपूर किताब

आज ही होगा भरपूर ताव का हिसाब

दिल थाम के रखो अदर हिज़ाब

इधर उधर लेगा एक एक का नवाब

बहार न निकले ज़ुबान का रुबाब

देखो अंदर ही रहे इत-काम का

भरपूर जवाब

सदवा

जो भरपूर कड़वा बोलते है

वोह अदर बाहर के भरपूर को धोखा देते है

और जो मीठा बोलते है

वोह इधर उधर के भरपूर को

मीठे के सदवा में तोलते है