आज तो बिजली चमकेगी
चकमक चकमक चाव चकेगी
चुलबुली चाल गोदी मचलेगी
१४ बरसो के रात-दिन का जन्म
गोदी के ख़ाली नाम पुन्र प्रवेश का नमन
आधि बूंद की आदि बिजली का बंधन रमन
जनम दिन(रात) मुबारक हो ख़ाली जाम अमृतम अमन
आज तो बिजली चमकेगी
चकमक चकमक चाव चकेगी
चुलबुली चाल गोदी मचलेगी
१४ बरसो के रात-दिन का जन्म
गोदी के ख़ाली नाम पुन्र प्रवेश का नमन
आधि बूंद की आदि बिजली का बंधन रमन
जनम दिन(रात) मुबारक हो ख़ाली जाम अमृतम अमन
u-nit-y con-sci()us()ness
on _hol()ness
()es
l_ate y in()ide u
gut _ur()ace()all wor_d
अब भरपूर तो सास में है
पूरा बेशरम और है पूरा बद()मीज़
खेंचे भरपूर कमीज़
gut गोदी का सूखा क्या करेगा
खींचेगा लकीर न लाँघ
सजे पूरा अकील ख़ाली बैठो
बूझो ख़ाली खील
boo_ing week
_ive-a()a-y thin_
_eft _an end _ong a-go
_er()e rit
for भरपूर is _rit
_h@ out th-er is wit()in u
y _ood ma()ch a-li()n
भरपूर _ord
बुरे वक़्त में भार(भरपूर)पका पैसा
काम()आया अंदर भरपूर लाया
ने gut गोदी को
बुरा भरपूर
दिखाया
y in()id u ne_er un_er-s()ood
nothing ne_er no u
राहु ने सोमरस तो निगल लिया
लेकिन गले से निचे नहीं उतरा
न ही उतरेगा किसी भी युग में
धढ़ क्या करेगा शरीरो के बगैर
तो बोलो आधे की ख़ाली खैर
_h@ _ach u thin_
th@ _eed
y well-being
in()id u is _ol str8g_
in_est y _ell-_ing
for _ol u s’ood *_ing
s_eep _un_g-y
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