तो-तुली

आधे तो gut की tot-al माँ(की)मूली है

इसी लिए गोदी की आग ख़ाली बबुली है

अंदर बाहर बोले ख़ाली आधे तो-तुली है

भीतर न समझे ख़ाली भू ति-तली है

आखे दिखाओगे तो ख़ाली की

भरपूर बिजली है

ख़ाली जन्म

पिछले द्वापर युग में कृष्णा का

जन्म जेल में हुआ ता

अदि-नाग की छाया ने मईया की

गोदी अंदर पहुँचःया च

इसी लिए अंदर का ख़ाली बच्चा ही

gut गोदी का सारा अर()माया मा

भरपूर असर

gut गोदी की वर्तमान heat से

gut ब्रह्माण्ड के

भूत, वर्तमान, भविष्य की गति

पर भरपूर असर पास्ता है


असुरो की भरपूर आदतों को

तो कोई असर आज भी

नहीं होता

खेल ख़ाली

कच्ची ईंट-पत्थर-लकड़ी के घर

gut गोदी का खेल ख़ाली खेलते खा

तुम्हारे घर न तो ज़मीन पर है और

न ही तुम्हारी दुनिया के अंदर

दुनिया की गंध में इधर उधर की

भरपूर हवा बे-हाल है

ख़ाली कि वेहला

वेहला सास का दामाद तूतू में में की

दुनिया के अदर पूरा अकेला खड़ा है

और

ख़ाली सांसे gut गोदी का अंदर का

सारा गठजोड़

ख़ाली खेल बाहर खारा खे