बलराम का आम देखो ध्याया धाम
आधे अंदर बुलाये इत उत सारा काम
gut गोदी में रहे बूंदियो का ख़ाली नाम
सदा सदा खेले ख़ाली गुंजो गा गुरु-शाम
बलराम का आम देखो ध्याया धाम
आधे अंदर बुलाये इत उत सारा काम
gut गोदी में रहे बूंदियो का ख़ाली नाम
सदा सदा खेले ख़ाली गुंजो गा गुरु-शाम
आधे तो gut की tot-al माँ(की)मूली है
इसी लिए गोदी की आग ख़ाली बबुली है
अंदर बाहर बोले ख़ाली आधे तो-तुली है
भीतर न समझे ख़ाली भू ति-तली है
आखे दिखाओगे तो ख़ाली की
भरपूर बिजली है
पिछले द्वापर युग में कृष्णा का
जन्म जेल में हुआ ता
अदि-नाग की छाया ने मईया की
गोदी अंदर पहुँचःया च
इसी लिए अंदर का ख़ाली बच्चा ही
gut गोदी का सारा अर()माया मा
gut गोदी की वर्तमान heat से
gut ब्रह्माण्ड के
भूत, वर्तमान, भविष्य की गति
पर भरपूर असर पास्ता है
असुरो की भरपूर आदतों को
तो कोई असर आज भी
नहीं होता
कच्ची ईंट-पत्थर-लकड़ी के घर
gut गोदी का खेल ख़ाली खेलते खा
तुम्हारे घर न तो ज़मीन पर है और
न ही तुम्हारी दुनिया के अंदर
दुनिया की गंध में इधर उधर की
भरपूर हवा बे-हाल है
ख़ाली मुँह से निकले आधे बाण
भरपूर जू को आधा-आधे
चीर चारते चय
an emptee
in(out)id _aim will
_how _rue emptee
(un)colo_r
wiw o breathing
emptee
no
वेहला सास का दामाद तूतू में में की
दुनिया के अदर पूरा अकेला खड़ा है
और
ख़ाली सांसे gut गोदी का अंदर का
सारा गठजोड़
ख़ाली खेल बाहर खारा खे
ॐ तत् सत्:
शुन्य
wiw o
आ देवी सर्व साँस भूतेषु
adhe _ole
em()tee
a_thor & _en
wiw o
aum()tea
gut alone mother nature
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