असुरो और बूंदियो के बीच में मंथन
सृष्टि गोदी का अमृत पूर्ण समर्पण
काल रात्रि है मधानी का सारा दर्पण
और आधे बैठा है निचे ध्यानी
नीलपंथ अभी हुआ अंदर का ज्ञानी
कब ख़तम हो कलयुगा की भरपूर निशानी
असुरो और बूंदियो के बीच में मंथन
सृष्टि गोदी का अमृत पूर्ण समर्पण
काल रात्रि है मधानी का सारा दर्पण
और आधे बैठा है निचे ध्यानी
नीलपंथ अभी हुआ अंदर का ज्ञानी
कब ख़तम हो कलयुगा की भरपूर निशानी
जिसको सृष्टि गोदी की ख़ाली चुपी का एहसास नहीं
उसे अपने अंदर की शांति के परिश्रम का ख़ाली विश्वास नहीं
भरपूर सास के भरपूर दामाद के पास सब कुछ भरपूर है
बस नहीं है तो अच्छी in()id gut ख़ाली प्रकृति
जिससे सृष्टि गोदी के सुर अंदर ख़ाली सहज रहते है
a babi breath is qute
though wiw o babi is sound of aum()tea mute
be carried all along in(out)id ro_t
असली ल(प)ढ़ाई तो अब होगी
आधे सांप और भरपूर निवाले की
भरपूर शरीरो तो गिरा पड़ा है
अदर की बीमा(या)रियो के मर-दो
की लाठी से
लेकिन भरपूर ज़ुबान की जवानी
तो कायम रहेगी
ख़ाली माँ को ललकारो भरपूर भरो
तथा(अ) स्तु
आधे आम
हांजी
a _lades of _rass
re_oice
a _ew d()opping in()id ma__
a_m()tea tree
no()thing _eave
बूँदि gut मईआ
बुँदियों की बिंदिया _a()ch नहीं करती
इसी लिए रेखा के उ-पर एकत्रित
नहीं होंगी
a nothing presence
u un()not con_(ain)rol
in()id ever- -thing
ਮਤਰੇਈ ਮੈ ਕਹਿੰਦੀ ਆ
ਪੁੱਤ ਤੂੰ ਬੈਠ ਕੇ ਭਰਪੂਰ ਪੜਾਈ ਪੜ
ਭਰਪੂਰ ਸੂਰਮੇ 1 ਦੁਨੀਆਂ ਭਰਪੂਰ ਭਰੋਗੇ
—
gut ਮਾਂ ਨੇ ਕਦੀ ਵੀ ਨਹੀਂ ਕਿਹਾ
ਅੱਧਾ ਪੁੱਤ ਭਰਪੂਰ ਨੂੰ ਖਾਲੀ ਅੰਦਰ ਬਾਹਰ ਕੱਢ
ਖਾਲੀ ਸਾਹ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਖਾਲੀ ਅੰਦਰ ਰੱਖਣਗੇ
—
s_ep sis-ers ਕਲੇਸ in()id
gut ਭਰਪੂਰ ਸਾਹ ਪ੍ਰਵੇਸ
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