मोक्ष मिले माली मल मनदर
साँसे सिले सालो स्याल सुन्दर
मोक्ष मिले माली मल मनदर
साँसे सिले सालो स्याल सुन्दर
for di_ine to _lae
_ook in/out em_tee rae
_ear_ae 0 s_ae
w_o is em_tee h_e
foo_ is tot-al f_e
ब्रह्माण्ड बारी बाली बांखे
गोदी(कोख) की ज़मीन की राखे
दिन रात करे ख़ाली खाखे
अंदर ()तरे निरा(आ)ली आँखे

बिंदी बीचे
आँखे मीचें
ऊपर नीचे सींचे
इधर-उधर भाली भीगे
अँदर काल कारा कींचे
a v()ice _i-thin is to()tal aum()tea in()id em()tee _omb(gut)
गोदी का to()tal आश्रम
सांसो का सारा परिश्रम
जिसके पास पा पही प()म
वोह है दुनिया अदर एक भ्रम
ख़ाली मईआ दिन-रात ज़मीन आसमान ख़ाली रखती
ताकि ख़ाली बच्चे स्माधि में सुरो संग ख़ाली खो खारती
कलश कराना काढ़े कण कण
अंदर आए जननि जन जन
ध्यान में मगन ख़ाली खन खन
घुले सांसे घोल अंदर अञ्जन घन घन
अकलिष्ठा-कलिष्टा
0 _ol _ain_ul
वैराग्य ख़ाली वही वि-योग अदर भरपूर भाग्य
un_olor 2 em_tee _ull 0 co_or
गोदी में अंनगिणत अन्न-गणित ख़ाली आधे
सृष्टि की कल्पना कागे ख़ाली खागे
अनंन्त में लींन आरे-वारे न्यारे नागे
ख़ाली ध्वनि धे धींन धन्धु धा धागे
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