re()ot-oll

अच्छी आदतो की कमी

मेहंगायी बढ़ गयी है

व()न को तो फुरसत ही नहीं

रात के अँधेरे में

अरे कहा रखा है

व()न का re()ot con__ol

y() clandestine affair consume hol u dark()fullness

खुद क्या करते

शाम के अँधेरे से डर नहीं लगता

कहके सब को डराते है

और खुद क्या करते है नींद के अँधेरे में

इनको तो टेल के _eter _an की

_had-ow से भी दर नहीं लगता

तलवो की ca()eening करवाते है

_ip _og

कम से कम या ज्यादा से ज्यादा

असुर कर ही क्या सकते है

शक्ति का ड्रिप-योग भीतर

अभी हुआ है ज-वान

आज के योग में

भू के धोखे

बूंदिया तो भूखी नहीं है

असुरो की कम-आयी की

पर यह तो काली माता के

अंदर के भू के धोखे है

सारे ही रूखे हे

इज़्ज़त के खोखे है

धज्जिया निकलती झरोखे है

अरे हाँ धज्जिया कैसे उड़ती है

इधर उधर की hol मर्जिया भर्ती होती है न

फिर कहते है जी दिल तो तलवे का बचा है जी

असुरो की शर्म की कमी मैं ऊंचाई का बढ़ावा हो रहा है

काली माता से मुँह छुपाते फिरते है


ऐसा तो सपने में भी नहीं सोचा था


यह तो जो हे नहीं सकता


gut गोदी के अंदर