y() presence in(out)id is
u-accep()ance of y()s
in(out)id failure _eeking
_uccess in gut surface()all _orld
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y()s-lf less s_nning ser_ice
fr__dom in()id
_ut surface() _orld
one a()lon
गोदी के माँ बाप भी बिंदियो का
कर्मा-धर्म मिटा नहीं सकते
फिर तूतू मैं मैं के मा बाप कब तक
बूंदियो को दबा के
खरी खाल की खैर में खायेँगे
a _aren’t ()ean to be
_resent wiw o no
for u will never be_ome a
pa()ent for gut alone mother nature is ab_ent with lap
()er ()ho ()ill do pa()enting
in()id u
भगवन को भी दिखता है
मईया को भी सुनता है
पर क्या करे तुम को व()न भाया है
रोग को निखार आया है
पीड़ा भीतर समाया है
समय भी तयारी करके लाया है
खरी खैर खारा ख़ास ख्याल खाया खे
अंदर के बचो को पिलायो
टिक्को की लहर
और निरोग्य बनेगी
सास की दोपहर
दिन के उजाले रात के अँधेरे शहर
आंखे खुली भीतर मंद मद ज़हर
गोदी का अनुमान आलीसा पड़ने पे पड़ा पो
अलदी आ
a to()tal red reat rooming
&
a gut _ot o_n
अच्छा अंदर के बचे चाहिए
तलवे पैदा करने के लिए
सास तो बाझ है
किसी भी जनम में पैदा कर सकती
थकती हर सास मैं
क्या तू तू मैं मैं का बुरा
गोदी का भी बुड़ा
बुरा जो देखन मैं चला
गोदी के अंदर
बुरा न मिलिया कोय
जो तन खोज्या
भीतर मन खलोये
बाहर के तूतू मैं मशीन दिखावे को
तंग-टग करके
अंदर सास भरोगे तो
अंदर आदर भी टग
बंद-बद हो जायेगी
to()tal
_un * _@urn
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