ख़ाली सांसो के गुजरे हुए ही
समय के अंदर ख़ाली गए हुए है
भरपूर आ गए तो समय भी
दोगुना भार भर देगा
ख़ाली सांसो के गुजरे हुए ही
समय के अंदर ख़ाली गए हुए है
भरपूर आ गए तो समय भी
दोगुना भार भर देगा
दिन को बाहर जाते है
और शाम को घर पकाते है
कौन से बाहर में घर के
अंदर के शाम को पूरा
करते है
हम दो हमारे दो
तूतू में में लो
भरपूर खेलो
y p_ _eed _ual ss
gut गोदी में शाम को नहीं पकाते
आम पक्का हो जायेगा
और भरपूर तल पूरे तल को
पक्का पड़ेंगे
gut गोदी के बच्चो की चुपी
गोदी के gut की चुपी को
सुरक्षित करती है
तुम्हारे घरो को तुम्हारी तूतू में में
की भरपूरता भी भर भर के
जू को जांचती जय
रक्षित के आगे को ही सू कस रखा है
चुपी लौटाई ला ळक्ति लो साँस के अंदर
लेकिन भरी बान के जु कैसे लौटाओगे
इधर उधर कर लिया ma()ch
do u _no a b()eath’ _noc
is _eeking a b_ack _oor
_ow
un()not a-lon u _’ood
be si()ing _om
em()tee _@vic _om
ਕਾਲੇ ਦਰਵਾਜੇ ਦਾ ਬਲ ਮਤ
ਘਰ ਵੀ ਕਾਲਾ ਈ ਆ
ਤੇ ਫੇਰ ਪੱਥਰ ਕਿਊ ਚੁੱਕਿਆ
ਬੁਜ ਨੂੰ ਪਤਾ ਸੀ ਖਾਲੀ ਜਾਨ ਆ
तुम्हे आधे के ख़ाली धार के पत्थर
से भी dot की rod नहीं लगती
दॉत चबा
तुम तो पूरे ही निकम्मे के थममे
हो सास के दामाद
अब तुम्हे घर के अंदर ही
ख़ाली gut मईया नज़र नहीं आती
तो बाहर की di_in pre_enc
_ill le_d u in()id y fa()min
&
an em()tee _eing wit()in
to()tal _ove wit()in gut
alon mother nature
is (em()tee _id)
non y bu_-is-_ess
_ir()ing er is _uman-it-y
y _or()ive on c_ar-it-y
_ace to _race y eno()-it-y
& u in()id is de_orm-it-y
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