मौत को छूआ
और छू नहीं आई
मौत को डराया तो क्या छूया छायी
अब तो तेरी छू भरपूर भायी
गिरा तू अंदर भरपूर बाड़ बाई
मौत भरपूर भागते का भाग्य
भाग भरपूर भाई
मौत को छूआ
और छू नहीं आई
मौत को डराया तो क्या छूया छायी
अब तो तेरी छू भरपूर भायी
गिरा तू अंदर भरपूर बाड़ बाई
मौत भरपूर भागते का भाग्य
भाग भरपूर भाई
ਖਾਲੀ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਗੋਦੀ ਦੀਆ
ਕੱਚੀਆਂ ਇੱਟਾਂ ਵਿਚ ਚਿਣਵਾ ਕੇ
ਭਰਪੂਰ ਸਾਹਾ ਦੀਆ ਅੱਖਾਂ ਦੇ ਸ਼ੀਸ਼ੇ
ਪੱਕੀਆਂ ਇ()ਟਾਂ ਨੂੰ ਭਰਪੂਰ
ਫਾੜ ਕੇ ਸੁੱਟਦੇ ਨੇ
अब तुम्हारी तूतू में में को
gut मईया के ख़ाली डंडे पसंद नहीं आते
तो आधे & babi 0 तुम्हारे किसी
भरपूर आँखों के काम
के लिए नहीं है
तल की इधर-उधर की कमाई के
बगैर भरपूर नहीं जी सकते
इसी लिए आधा को इधर-उधर
भरपूर मारते है और अंदर के
आधा को भरपूर डू-बाते है
gut गोदी ने तुम्हे अन्न दिया
अंदर-बाहर को तन-दुरुस्त रखने के लिए
और तुमने तूतू में में की मूर्खता का
भाव दिखाकर अपने ही अंदर के
आधा को भरपूर तन के
इधर-उधर डर से डराया
अब अन्न कैसे सुरक्षित करेगा
भरपूर तन की बीमारिया तो
भरपूर डर से गहरी डूबी है
भरपूर आधा खुद के अंदर
ख़ाली आधे को महसूस नहीं कर सकता
और इधर-उधर तूतू में में की
भरपूर हिम्मत आधा
अंदर को तोड़ेगी
मूर्खता की हद की
खता नहीं होती
प्यार तो भरपूर है
y ever- -thing is
c_o_ed on _un()ae
for y _ho()er ru-ning
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& full in()id u _ae
_ean _ear & _os
सास के दामाद की तूतू में में के
इधर-उधर का भाव का विष ही
तुम्हारा भविष्य भरपूर
भाव इधर-उधर है
ॐ तत् सत्:
शुन्य
wiw o
आ देवी सर्व साँस भूतेषु
gut गोदी सुलाने के सोने का
समय ख़ाली जाया
तुम अंदर जाग के भरपूर के
उठने का समय-चार भरपूर करना
आधे-आम हांजी
निराली छाया
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