एक इनसान नहीं अंदर साफ़ तो क्या करेगा इधर उधर तेरा इन्साफ
Author: mandalalit
मिल-भगत
ओह सब तो ठीक है
पर सास के दामाद के भुगतान में देरी क्यों
अब एह भी लेलो
देरी को न मिले अंदर की हेरा फेरी की
मेरी की इधर उधर की देरी
_ork-lif _aim
जात-पात का संतुलन
बीमारिया का बिगड़ा सत का तुलन
इधर उधर बिखेरे भरपूर गलन
सदके यारिया सड़के है भरपूर मिलन
l
an err is _not for()iven
a hu()an is _not in()id div_ine
on reas()on
y in()id u _eed _reason
ਭਰਪੂਰ ਪੜਾਈ
ਮਤਰੇਈ ਮਾ ਨੂੰ ਅੰਦਰ ਚੁਣ ਕੇ ਹੀ
ਭਰਪੂਰ ਪੜਾਈ ਵਿਚ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਧੋਯਾ ਧ ਨੇ
ਅਪਣੇ ਪੈਰਾਂ ਤੇ ਖੜੇ ਹੋ
(ਪਰ ਪੈਰ ਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਤੇ ਬੈਠੇ ਹੋਏ ਆ ਤੇ ਫੇਰ ਖੜੇ)
ਕੇ ਭਰਪੂਰ ਕ-ਮਾਈ ਕਲ ਨੂੰ
ਬਿਮਾਰਿਆ ਤੇ ਸਾਫ ਕਰੇਗੀ
gut ਮਾਂ ਨੂੰ ਸੁਨਣ ਲਈ ਕੇਹੜਾ ਧਿਆਨ ਧਰੋ
ਪਤਾ ਨਹੀਂ
ਪਰ ਨਬਜ਼ ਨੂੰ ਕਿੱਦਾਂ ਲਿਆਈਦਾ
ਸਾਹ ਦੇ ਤਲ ਉਪਰ
this _el
on dis_ell-er is _oing to
_each u _ow to s_ell d-i-s
eies @_ar in()id
_ic of y _ell-er
सम्पूर्ण स्थान
gut गोदी में अकेले जन्म लेने से
अकेली गोदी में अकेली gut मईया की
शक्ति रूपेण शत शत
स्वरूपं सम्पूर्ण स्थान
y _ealing
y in()id u in _ire _eed of
re()ach_ng out()id
as this _ime is
the-_ape-u-tic
साधना _ut
_urg में रुका(कर)वटे डालने से
भरपूर को साधना _ut मिलेगे
मुखोटे भी _tile से खिलेगे
आँखों को भुलाये भरपूर ज़िले रगेगे
_ic _tae
for()id_en _o()er of
_tat()ion-aree plan_et
un()not _ach
y in()id u sta()tion
भरपूर _orr-y

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