is _here _uch thing in()id
on wor_d for ever-y-thing to
fall out()id as s-ur()ly ()thing
is _here _uch thing in()id
on wor_d for ever-y-thing to
fall out()id as s-ur()ly ()thing
do not give up
2
y in()id u
not give do_n
is th@ ma_ch
_et us _ir y
तुम्हारे आ()प का राज है जो ख़ाली
tot में उचा बोलो
और जब पूरे पाप अंदर आ जाये तो
१० को खिसका के १०० का
भरपूर भर भय भो
gut गोदी जब भी दिखावे
भरपूर क्यों
भरपूर को सास के दामाद के घर का
दिखावा भरपूर भाता है अंदर बाहर
इसी लिए खावा भी उछालता है
ऊंचाईयो की क्यों को ख़ाली ज़मीन पर
बड़ी तीखी आग चुबती है क्यों
तुम्हारा ध्यान तो क्यों पर ही अटका है
इसके सिवाये पूरा भटका है
इधर क्यों
उधर क्यों
अंदर क्यों
बाहर क्यों
सास क्यों
दामाद क्यों
क्युकी दामाद तो है यूकि
अदर का दामाद है क्युकी
ख़ाली ध्यान तो अंदर ख़ाली झटका है
भरपूर grow घर रेहा
gut गोदी सूखे को सोख से सो रहा
_ife of y is s_oot_ly ru_ning
in()id u b-a_ter-b, _ife @er
_eath a_ter _ife to recir_cle
full_ess y s_ealth
तुम न तो जीते जो और न ही मरते मो
बस क्यों ज़िदा तो मर()म भी बे-मौत बिदा
eie aum a()raid 2-do
_e_v-y te*ting for u
_oing to re_ect _it
in()id u re*ting
क्या तुम्हे तूतू में में की दुनिया के
अदर उड़ने की पूरी फूट
एक फुट तो होगी हे न
भरपूर को अपने अदर के असुर
होने का यकीन घर के बहार के
असुर से मिल कर तो हो ही
आता है न अंदर
का यकीन क्यों
नहीं बाहर मिलता
ever- -thing constant is
nothing change
or
nothing constant is
ever- -thing change
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