आखो को मंडला-लिट नज़र आया
दूर दूर दरवाजा टूटा सुकूम साया
एह कैसा इन्साफ सुलभ हमने पाआ
गोदी के दुःख सुख में हिस्सा आया
अंदर बढ़ते बड़ो ख़ाली बाया
आखो को मंडला-लिट नज़र आया
दूर दूर दरवाजा टूटा सुकूम साया
एह कैसा इन्साफ सुलभ हमने पाआ
गोदी के दुःख सुख में हिस्सा आया
अंदर बढ़ते बड़ो ख़ाली बाया