कूबने कुछ कही

गोदी की इज़्ज़त तो नहीं करनी आती

तो ग्वाया घर को छोड के ग्वाने के लिये क्या है तुम-हारे पास
नरचोर तो कभी घर ही नही लोटता
बाकि क्या बचा
समाज के टूट पैने
तूतू मै मै गहने

सम्भालो सहने

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Unknown's avatar

mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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