बुलायो बाम

आधे ख़ाली आधा घर के भरपूर असुर

आधे स्माधि में रुकावटे डाल रहे है

कहा है आधा आम

गोदी के वानरों के ऐनके इक्कठी
की हुई काठी पे आ रहे है
आज तो नहीं पहुँच पाएंगे


त्रेता का आज कलयुग के
कल में कैसे पहुँचेगा

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mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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